रांची: एक ओर नक्सलियों को आए दिन जिला प्रशासन और सुरक्षा बल बड़ी चोट दे रहे हैं। उनके खिलाफ लगातार सर्च अभियान चल रहा है इसके बावजूद सक्रिय उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के द्वारा प्रदेश के कोयला खनन में लगी कंपनियों को खुली चेतावनी दी गई है। जिसमें उन्हें 20 सितंबर से 30 सितंबर तक सभी खनन कार्यों को बंद रखने को कहा गया है। इस चेतावनी की खबर मिलने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गई है।

पीएलएफआई जोनल कमिटी सदस्य श्रवण के नाम से जारी प्रेस विज्ञप्ति में साफ कहा है कि 20 सितंबर से 30 सितंबर 2025 तक सभी खनन कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे।

प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से खासतौर पर NTPC, CCL, BGR, रितवीक, चंद्रगुप्त और L&T जैसी बड़ी कंपनियों के नाम लेते हुए कहा गया है कि जब तक संगठन से वार्ता नहीं होती, तब तक किसी भी कीमत पर खनन कार्य शुरू नहीं किया जाएगा।
गाड़ियों के संचालन पर भी रोक
संगठन ने सिर्फ कंपनियों को ही नहीं, बल्कि गाड़ी एसोसिएशन और ट्रक मालिकों को भी चेताया है कि इस अवधि में किसी ड्राइवर को गाड़ी चलाने का आदेश न दें। अन्यथा, नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी कंपनी और गाड़ी मालिकों पर ही होगी।
PLFI का फरमान
PLFI ने दावा किया कि कंपनियों ने अब तक प्रभावित गांवों को उचित मुआवजा नहीं दिया है। प्रेस नोट में साफ कहा गया है कि जब तक ग्रामीणों को घर-दुआर, जमीन, तालाब, कुआं और अन्य संसाधनों का सही मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक कंपनियों को संबंधित स्थानों पर तोड़फोड़ रोकनी होगी।
पुलिस की मदद लेने पर अंजाम भुगतने की धमकी
विज्ञप्ति में यह भी लिखा गया है कि यदि किसी ने पुलिस बल की मदद से खनन कराने की कोशिश की, तो अस्थायी तौर पर काम तो हो जाएगा लेकिन बाद में कंपनी को बड़ी क्षति उठानी पड़ेगी।











