अन्नदाता किसान झेल रहे यूरिया का संकट,266 रू के बजाय 550 रू से 600 रू प्रति बोरा यूरिया खरीदने के लिए मजबूर – सुफल महतो
राहे:- झारखंड राज्य किसान सभा के तत्वावधान में पाचपरगना क्षेत्र राहे,सोनाहातु, बुंडू, सिल्ली, अनगड़ा क्षेत्र में यूरिया खाद की गंभीर संकट,खाद दुकानदारों को पर्याप्त यूरिया नहीं मिलने तथा किसानों से 266 रू यूरिया के बजाय 550 से 600 रु प्रति बोरा बेचे जाने के मुद्दों पर अनुमंडल पदाधिकारी बुंडू को ज्ञापन सौंपा गया।इस अवसर पर झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो, राज्य किसान कौंसिल सदस्य बिसमबर महतो, जिला किसान कौंसिल सदस्य उमेश महतो,रतन महतो, जयपाल सिंह मुंडा, पाबूराम मुंडा,लोधरो मुंडा, जनवादी महिला समिति के जिला अध्यक्ष सह पूर्व जिला परिषद सदस्य रंगोवती देवी उपस्थित थे।
ज्ञापन में घान की खेती के लिए पर्याप्त यूरिया खाद उपलब्ध कराने,266 रू के बजाय 550 रू से 600 रू यूरिया बेचने पर रोक लगाने का मांग किया गया।
झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो ने कहा अन्नदाता किसानों को यूरिया खाद का गंभीर संकट झेल रहे हैं,खाद दुकानदारों को सरकार 50 प्रतिशत से कम खाद किसानों के लिए मुहैया करा रही हैं, किसान 266 रू के बजाय 550 रू से 600 रू प्रति बोरा यूरिया खरीदने के लिए मजबूर हैं। केन्द्रीय सरकार व राज्य सरकार तथा जनप्रतिनिधि मुकदर्शक बने हुए हैं। किसान दोहरी मार झेल रहे हैं,खाद – बीज, किटनाशक, कृषि औजार आदि में सब्सिडी कटौती के कारण लगातार महंगे होते जा रहे हैं वहीं किसानों के फसलों के लिए एम् एस पी की कानूनी गारंटी नहीं देने के कारण कृषि उत्पाद सस्ते बेचने के कारण देश भर में किसान आत्महत्याएं लगातार बढ़ रही है। किसान आन्दोलन के साथ 10 दिसम्बर 2021 का मोदी सरकार द्वारा लिखित समझौता अब तक लागू नहीं हुआ है।
यूरिया सहित किसान मुद्दों पर झारखंड राज्य किसान सभा 1 से 15 सितंबर तक झारखंड के सभी प्रखंड कार्यालयों के समक्ष धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम होगा।









