रांची/गुवाहाटी: झारखंड की क्षेत्रीय राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) अब अपने दायरे को राज्य की सीमाओं से बाहर ले जाने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। पार्टी ने आगामी असम विधानसभा चुनाव में उतरने का मन बना लिया है, जिसे उसके राष्ट्रीय विस्तार के बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, जेएमएम असम में करीब 30 से अधिक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। हालांकि अंतिम सूची पर फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा जल्द ही लिया जाएगा। इस रणनीति के पीछे पार्टी की नजर खास तौर पर असम के चाय बागान मजदूरों और आदिवासी समुदाय पर है, जिनकी संख्या लाखों में है और जिनका ऐतिहासिक संबंध झारखंड से जुड़ा रहा है।
पार्टी का मानना है कि असम में चाय बागानों में काम करने वाले मजदूर और आदिवासी समाज लंबे समय से सामाजिक-आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को पर्याप्त राजनीतिक मंच नहीं मिला। जेएमएम इन्हीं वर्गों के मुद्दों को केंद्र में रखकर अपनी पैठ मजबूत करने की योजना बना रही है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि इन समुदायों को बेहतर प्रतिनिधित्व और अधिकार दिलाने के लिए एक मजबूत राजनीतिक विकल्प की जरूरत है, जिसे जेएमएम पूरा करने का प्रयास करेगी।
जेएमएम इस चुनाव में हेमंत सोरेन की लोकप्रियता को भी प्रमुख हथियार के रूप में इस्तेमाल करने जा रही है। पार्टी का दावा है कि सोरेन देशभर में आदिवासी अधिकारों की मजबूत आवाज बनकर उभरे हैं। हेमंत सोरेन हाल के महीनों में कई बार असम का दौरा कर चुके हैं और वहां के स्थानीय मुद्दों को समझने और उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पार्टी को जमीनी स्तर पर पकड़ बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जेएमएम और जय भारत पार्टी के बीच गठबंधन की घोषणा ने चुनावी समीकरणों को नया आयाम दे दिया है। जेएमएम ने साफ संकेत दिया है कि वह असम में अकेले चुनाव लड़ने के बजाय गठबंधन के विकल्प को भी खुला रखेगी।
चुनावी तैयारियों को गति देते हुए पार्टी ने अपने 20 स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी कर दी है। जबकि, सीएम हेमंत सोरेन मुख्य प्रचारक की कमान संभालेंगे। ये सभी नेता असम के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर चुनाव प्रचार करेंगे और पार्टी के एजेंडे को जनता तक पहुंचाएंगे।
जेएमएम का यह कदम केवल चुनावी प्रयोग नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। अगर पार्टी असम में प्रभावी प्रदर्शन करती है, तो यह उसके लिए अन्य राज्यों में भी विस्तार का रास्ता खोल सकता है।













