झारखंड वार्ता संवाददाता
रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा से जुड़ा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट की दहलीज तक पहुंच गया है। परीक्षा परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर असंतुष्ट छात्रों के एक समूह ने इस मामले में शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है। छात्रों का कहना है कि वे न्याय की अंतिम उम्मीद के रूप में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं और उन्हें वहां से निष्पक्ष व न्यायसंगत निर्णय की अपेक्षा है।
गौरतलब है कि इससे पहले 3 दिसंबर को झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने 10 छात्रों के परिणाम पर रोक लगाते हुए, शेष योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने सफल अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट जारी कर दी है, जिससे नियुक्ति की प्रक्रिया को गति मिली है। हालांकि, कुछ छात्र अब भी इस निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं और उनका मानना है कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं पर पूरी तरह विचार नहीं किया गया।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है। ऐसे में अब सबकी निगाहें शीर्ष अदालत पर टिकी हैं कि वह इस संवेदनशील मामले में आगे क्या रुख अपनाती है। छात्रों, अभ्यर्थियों और प्रशासन सभी के लिए आने वाला फैसला अहम माना जा रहा है।
जेएसएससी सीजीएल विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, छात्रों ने लगाई न्याय की गुहार









