खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले में उग्रवाद के खिलाफ चल रही मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के सक्रिय एरिया कमांडर हाबिल मुंडू उर्फ प्रफुल्ल मुंडू ने बुधवार को जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
हाबिल मुंडू लंबे समय से खूंटी, चाईबासा और आसपास के इलाकों में सक्रिय था और संगठन की गतिविधियों को संचालित करने में अहम भूमिका निभा रहा था। उसकी गिरफ्तारी या सूचना देने पर झारखंड सरकार की ओर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
बताया जा रहा है कि उसने खूंटी में एसपी और डीसी की मौजूदगी में विधिवत तरीके से सरेंडर किया और अपने पास मौजूद हथियार भी प्रशासन को सौंप दिए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने उसे सरकार की पुनर्वास नीति की जानकारी भी दी।
सरेंडर के बाद हाबिल मुंडू ने स्वीकार किया कि वह संगठन की विचारधारा से पूरी तरह निराश हो चुका था। उसने कहा कि उग्रवादी संगठन सिर्फ युवाओं को गुमराह करता है और उनका भविष्य अंधकार में डाल देता है। वहीं दूसरी ओर, पुलिस की लगातार कार्रवाई और बढ़ते दबाव के कारण भी उसके लिए संगठन में बने रहना मुश्किल हो गया था।
प्रशासन ने इस सरेंडर को एक सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि जो भी उग्रवादी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए सरकार की पुनर्वास नीति के तहत हर संभव मदद दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में उग्रवाद के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।














