झारखंड के अन्नदाता किसानों के मुद्दों पर जीत तक लड़ेगी किसान सभा
राँची :- नगड़ी,रांची में आयोजित झारखंड राज्य किसान सभा के 8 वे राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन राज्य सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कामरेड कृष्ण प्रसाद ने कहा अन्नदाता किसानों खिलाफ किसान विरोधी बिज ओर बिजली विधेयक,4 लेबर कोड,भारत – अमेरिका व्यापार समझौता , मनरेगा का खात्मा किसानो का कमर तोड़ देगा, झारखंड में खनिज संपदा,जल, जंगल, जमीन पर कारपोरेट का गिद्दी नज़र के खिलाफ किसान सभा सड़कों पर है,बढ़ती विस्थापन, पलायन, निजीकरण के खिलाफ निर्णायक आन्दोलन की जरूरत है, अमेरिकी उत्पाद के लिए भारतीय बाजार में शुन्य प्रतिशत आयात शुल्क एवं अमेरिका में भारतीय किसानो के लिए 18 प्रतिशत टेरिफ का समझौता भारतीय किसानों के लिए मौत की घंटी है, किसान सभा राज्य को 60 हिस्सा एवं केंद्रीय सरकार का 40 हिस्सा की मांग करतीं हैं, बांटने की राजनीति के खिलाफ किसान सभा एकता के लिए संघर्ष जारी है।
उद्घाटन के पश्चात सीटू नेता प्रतीक मिश्रा, झारखंड राज्य जनवादी महिला समिति के जिला अध्यक्ष डा,कृति सिंह मुंडा,खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के राज्य संयोजक बिरेंद्र कुमार ने संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा सम्मेलन के प्रति एकजुटता प्रदर्शित कर किसान मजदूर एकता पर जोर दिया गया एवं किसान आन्दोलन के साथ खुल कर समर्थन देने का आव्हान किया गया।
तत्पश्चात विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने बहस पर हिस्सा लिया। राज्य सम्मेलन 28 फरवरी तक चलेगी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव अवधेश कुमार,झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो, महासचिव सुरजीत सिन्हा, संयुक्त सचिव एहतेशाम अहमद, स्वपन महतो, उपाध्यक्ष प्रफुल्ल लिंडा, राज्य कौंसिल सदस्य मदुवा कच्छप, शंकर उरांव, रामदेव सिंह,लगी सोरेन, ललित मुंडा मंच पर उपस्थित थे।
झारखंड की खनिज संपदा,जल, जंगल, जमीन पर कारपोरेट की गिद्धी नज़र – कृष्ण प्रसाद









