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बिहार: रक्सौल में अनिरुद्धाचार्य के भागवत कथा में लाठी चार्ज

On: February 9, 2026 12:30 PM
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बिहार: मोतिहारी जिले के रक्सौल से बड़ी खबर आ रही है जहां मशहूर कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य के श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के दौरान पुलिस मैं श्रद्धालुओं पर लाठी चार्ज किया है

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब कथा में अनिरुद्धाचार्य जी महाराज प्रवेश कर रहे थे तभी गेट पर भक्तों की भीड़ ज्यादा बढ़ गई. कई भक्त कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज के साथ ही उसी प्रवेश द्वार से घुसने का प्रयास करने लगे. इससे भीड़ इतनी बढ़ी कि कंट्रोल नहीं हुई. भक्तों ने प्रवेश द्वार पर लगे लोहे के गेट को भी उखाड़ दिया.

बढ़ती भीड़ को कंट्रोल करने के लिए सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने भक्तों पर लाठीचार्ज कर दिया. इससे भगदड़ जैसा माहौल बन गया. दो-तीन महिलाएं नीचे गिर गईं. इससे उन्हें चोट आई. इस भगदड़ में दो बच्चे अपनी मां से बिछड़ गए. भीड़ में गुम हुए बच्चों के लिए उनकी मां चीखती रह गईं. कथा पंडाल में भीड़ इतनी बढ़ गई कि कई लोग पास में लगे ट्रक पर चढ़कर कथा सुनते दिखे. भीड़ के हिसाब के कथा का मैनेजमेंट और प्रशासन की तैयारी नाकाफी साबित होती दिखी.

रक्सौल पहुंचे गौरी गोपाल आश्रम के संस्थापक और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने भक्तों और श्रद्धालुओं को जीवन और समाज से जुड़ा महत्वपूर्ण संदेश दिया. उन्होंने लोगों को बताया कि गलत बात और गलत काम से लोगों को दूर रहना चाहिए. इससे दूरी ही मानव जीवन के कल्याण का मार्ग है. उन्होंने यह भी कहा कि गलत बात और गलत काम करने वाले व्यक्ति का पतन निश्चित होता है.

उन्होंने कहा कि भगवान को पाना कठिन नहीं है बल्कि सबसे कठिन खुद को सरल और सहज बनाना है. इसके लिए उन्होंने माता शबरी का उदाहरण दिया और कहा कि उनका भाव सरल और निर्मल था इसलिए भगवान राम उन्हें मिले. उन्होंने कहा कि यदि जो इंसान सच में भगवान को मानते हैं और ईश्वर के प्रति उनकी आस्था है वो अपने जीवन को सरल बना लें तो भगवान मिल जाएंगे. उन्होंने कहा कि जब इंसान सरल और सहज हो जाता है और दूसरों का सहारा बनता है तो भगवान भी उसका सहारा बनते हैं.

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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