एजेंसी: अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान के बीच इजरायल यह कहते हुए लेबनान पर हमला कर रहा है कि यह शांति वार्ता में लेबनान की बात नहीं थी और अमेरिका ने भी इस बात पर हम ही भरी है इसी बीच खबर आ रही है कि इसराइल डिफेंस फोर्स ने लेबनान में हिजबुल्लाह के नए चीफ नईम कासिम और उसके भतीजे को ढेर कर दिया है। आईडीएफ ने ऐसा दावा किया है। इधर इस दावे के बाद ईरान भड़क गया है और सीजफायर पर सवालिया निशान लगने लगा है।
जबकि यह माना जा रहा था कि मिडिल-ईस्ट में 40 दिन से जारी भीषण युद्ध अमेरिका और ईरान के सीजफायर के बाद थम जाएगा लेकिन, महज 24 घंटे के भीतर ही शांति और राहत की सांस इजराइल ने तोड़ दी. इजराइल ने भले ही अमेरिका के सीजफायर का समर्थन किया, लेकिन उसने एक के बाद एक लेबनान पर कई हमले किए.
ऐसे में अमेरिका की तरफ से बयान सामने आया है कि लेबनान सीजफायर का हिस्सा नहीं है. अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कहा है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष-विराम का हिस्सा नहीं है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न तो वॉशिंगटन और न ही इजराइल ने इस पर सहमति दी थी. पाकिस्तान के यह कहने के बाद कि लेबनान को इसमें शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि इजराइल ने लेबनान भर में महज 10 मिनट के भीतर लगभग 100 हमले किए, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए. लेबनान मिडिल-ईस्ट का छोटा सा देश है. इजराइल का मानना है कि हिजबुल्लाह यहां एक्टिव है, इसलिए ये देश सीजफायर का हिस्सा नहीं है.
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बोले
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल, राष्ट्रपति ट्रंप के उस फैसले का समर्थन करता है जिसके तहत ईरान के खिलाफ हमले दो हफ्तों के लिए रोक दिए गए हैं. बशर्ते ईरान तुरंत होर्मुज स्ट्रेट को खोल दे. उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजराइल और इस क्षेत्र के दूसरे देशों पर सभी हमले रोक दे. हालांकि, एक अलग पोस्ट में उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इजराइल को बताया है कि वह आने वाली बातचीत में इन टार्गेट्स को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है. ये टार्गेट अमेरिका, इजराइल और इजराइल के क्षेत्रीय सहयोगियों के साझा लक्ष्य हैं. दो हफ्तों के इस संघर्ष-विराम में लेबनान शामिल नहीं है.
ट्रंप ने आज इससे पहले लेबनान में इज़रायल के चल रहे सैन्य अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि हिज्बुल्लाह को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हाल ही में हुए उस सीज़फायर समझौते में शामिल नहीं किया गया था. इसने मिडिल ईस्ट में संघर्ष को दो हफ्तों के लिए रोक दिया था. मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि सीजफायर की घोषणा के बावजूद लेबनान को अभी भी क्यों निशाना बनाया जा रहा है, तो ट्रंप ने कहा कि हां उन्हें इस समझौते में शामिल नहीं किया गया था.
एक बार फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया कि लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई को इस समझौते से बाहर क्यों रखा गया, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि हिज़्बुल्लाह की वजह से. उन्हें इस समझौते में शामिल नहीं किया गया था. इसका भी समाधान हो जाएगा. सब ठीक है. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें इस बात से कोई दिक्कत नहीं है कि इजराइली सेना लेबनान में हमले जारी रखे हुए है यह समझौते का ही एक हिस्सा है. यह बात हर कोई जानता है. यह एक अलग तरह की झड़प है.
बता दें कि इसके पहले भी लेबनान में पुराने हिजबुल्ला चीफ हसन नसरुल्लाह को आईडीएफ ने ढेर कर दिया था।










