---Advertisement---

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त-विधि और महत्व

On: February 26, 2025 4:18 AM
---Advertisement---

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि का पावन पर्व आज है। महाशिवरात्रि का दिन भगवान शिव के भक्तों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण होता है। यह पर्व पूरे देश में बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है‌। इस अवसर पर अलग-अलग स्थानों पर भव्य शिव बारात निकाली जाती है जिसमें भक्तगण हर्षोल्लास से भाग लेते हैं। महाशिवरात्रि के दिन शिव-गौरी की पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख और समृद्धि आती है‌ इस दिन व्रत रखने और भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा और सुयोग्य जीवनसाथी मिलने का आशीर्वाद मिलता है‌। यह वही पावन दिन है जब भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ थाना। इस साल की महाशिवरात्रि समस्त विश्व के लिए कल्याणकारी है।

महाशिवरात्रि 2025 शुभ मुहूर्त

फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि का शुभारंभ: आज, सुबह 09:17 बजे से
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि का समापन: कल, सुबह 8 बजे तक
श्रवण नक्षत्र: शाम 04:10 तक, उसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र
निशिता मुहूर्त: 12:09 AM से 12:59 AM तक

हाशिवरात्रि व्रत का पारण: कल सुबह 8 बजे से पहले

महाशिवरात्रि पर पूजा विधि

* महाशिवरात्रि को सुबह में स्नान आदि से निवृत होकर साफ कपड़े पहनें. उसके बाद महाशिवरात्रि व्रत और शिव पूजा का संकल्प करें।

* आज सुबह 09:17 बजे से महाशिवरात्रि तिथि लग रही है, तो इस समय से आप शिव पूजा करें। किसी भी शिव मंदिर या घर में ही शिव जी की विधि विधान से पूजा करें।

* सबसे पहले भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करें। फिर उनको अक्षत्, फूल, फल, बेलपत्र, भांग, धतूरा, आक के फूल, बेर, शहद, दूध, शहद, चंदन, वस्त्र आदि अर्पित करें‌

* इसके बाद माता पार्वती की पूजा करें. उनको फूल, पीला सिंदूर, अक्षत्, श्रृंगार सामग्री आदि अर्पित करें। शिव जी के साथ उनका गठंबंधन कराएं। फिर गणेश जी, भगवान कार्तिकेय और अशोक सुंदरी की पूजा करें, भोग लगाएं‌।

* फिर शिव चालीसा का पाठ करें, उसके बाद महाशिवरात्रि व्रत कथा सुनें। अंत में शिव जी की आरती से पूजा का समापन करें।

महाशिवरात्रि व्रत का महत्व

महाशिवरात्रि का व्रत बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन जो व्यक्ति महादेव की पूजा करने के साथ व्रत का पालन करता है। उसे जीवन के सभी कष्टों से मु्क्ति मिलती है। इस अलावा यह जो भी अविवाहित कन्याएं शिवरात्रि का व्रत तथा पूजन करती हैं उसे जल्दी ही विवाह के योग बनते हैं और मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

YouTube पर पीएम मोदी नंबर-1, 30 मिलियन सब्सक्राइबर्स के साथ रचा इतिहास

संस्थापक दिवस: टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के अनूठी पहल,जे एन टाटा की प्रतिमा का अनावरण,10000 दीपों से श्रद्धांजलि, रक्तदान शिविर

झारखंड के उद्योग धंधों मजदूरों के दिन बहुरेंगे,सीएम हेमंत और टाटा ग्रुप चेयरमैन आमने-सामने बैठे,11000 करोड़ निवेश को हरी झंडी

रांची:नशे में धूत युवक हाथी के पास जाकर देने लगा चैलेंज और दर्दनाक मौत

यूपी:यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर गंभीर हमला करने वाले बदमाशों की पुलिस से मुठभेड़,1 लाख का इनामी जिशान ढेर

ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमला: गृह मंत्रालय ने राज्यों के सुरक्षा एजेंसियों को किया अलर्ट