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बड़ा हादसा: झारखंड इस्पात संयंत्र के हार्नेस में जोरदार विस्फोट,नौ मजदूर बुरी तरह झुलसे, गंभीर

On: April 6, 2026 11:07 AM
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रामगढ़ : हेसला स्थित झारखंड इस्पात प्लांट हार्नेस में जोरदार विस्फोट की खबर से हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि इस विस्फोट में नौ मजदूर बुरी तरह झुलस गए हैं। कंपनी में अफरातफरी का माहौल कायम हो गया। कुछ देर तक काम फिर ठप हो गया।

घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है अचानक धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबरा गए। प्लांट के अंदर धुआं और आग फैलने से वहां मौजूद मजदूरों में भगदड़ मच गई। पूरे कंपनी परिसर में चीख पुकार मच गई। झुलसे मजदूर चीत्कार रहे थे मदद के लिए चिल्ला रहे थे।

घायलों में अखिला राय, बृजलाल बेदिया, राजबालन यादव, महेश महतो, अशोक बेदिया, पंडित जी (राजू झा), छोटू साव, सुरेश बेदिया और इशया शामिल हैं।घटना के तुरंत बाद सभी को रांची रोड स्थित द हॉप हॉस्पिटल ले जाया गया।डॉक्टरों का कहना है कि सात मजदूर 80 से 90 प्रतिशत तक झुलसे
अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद बताया कि 9 में से 7 मजदूरों की हालत बेहद गंभीर है। बताया गया कि ये मजदूर 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची के देवकमल अस्पताल रेफर कर दिया।
इस हादसे के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मजदूरों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लांट में सुरक्षा मानकों का पालन ठीक से नहीं होता। लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त होती और जरूरी सावधानियां बरती जातीं, तो इतनी बड़ी घटना टल सकती थी।

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी को हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारण साफ हो पाएगा।
घटना के बाद मजदूरों और स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। लोगों ने प्लांट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रशासन ने घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था कराने और हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। वहीं हादसे को लेकर इलाके में तनाव और चिंता का माहौल बना हुआ है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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