सहारनपुर: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। STF ने एक लाख रुपये के इनामी और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बदमाश सिराज अहमद उर्फ जलीस को मुठभेड़ में मार गिराया है । यह मुठभेड़ सहारनपुर जिले के गंगोह थाना क्षेत्र में हुई।
मृतक बदमाश सिराज अहमद सुल्तानपुर जिले के एक चर्चित हत्या कांड का मुख्य आरोपी था और लंबे समय से फरार चल रहा था। उस पर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हत्या, हत्या के प्रयास, रासुका सहित करीब 30 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
पंजाब-हरियाणा बॉर्डर से सहारनपुर पहुंचा था सिराज
STF सूत्रों के अनुसार, सिराज अहमद पंजाब-हरियाणा बॉर्डर से सहारनपुर के गंगोह इलाके में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में पहुंचा था। इसी दौरान STF को उसके मूवमेंट की पुख्ता सूचना मिली। सूचना के आधार पर STF की टीम ने इलाके में घेराबंदी कर उसे रोकने की कोशिश की।
खुद को चारों ओर से घिरा देख सिराज अहमद ने STF टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में STF ने मोर्चा संभाला, जिसमें सिराज अहमद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हथियारों और डिजिटल उपकरणों का जखीरा बरामद
मुठभेड़ के बाद STF ने मौके से भारी मात्रा में अवैध सामान बरामद किया। सिराज अहमद के पास से 30 बोर और 32 बोर की पिस्टल, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस, चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
मुख्तार अंसारी का करीबी और D-68 गैंग का सरगना
सिराज अहमद कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी का बेहद करीबी बताया जाता था। वह D-68 गैंग का लीडर भी था और सुल्तानपुर जिले में लंबे समय तक आतंक का पर्याय बना रहा। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या, रंगदारी, अवैध हथियार, गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून जैसी गंभीर धाराएं शामिल थीं।
करोड़ों की संपत्ति पहले ही हो चुकी थी कुर्क
प्रशासन ने न्यायालय के आदेश पर सिराज अहमद की पहले ही बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी आधा दर्जन से अधिक लग्जरी गाड़ियां,7 बेशकीमती अचल संपत्तियां कुर्क कर ली थीं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई थी।
STF की इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था के लिहाज से बड़ी राहत माना जा रहा है। सिराज अहमद लंबे समय से पुलिस और प्रशासन के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उसके एनकाउंटर के बाद सुल्तानपुर समेत कई जिलों में सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क को गहरा झटका लगा है।
फिलहाल STF और स्थानीय पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह भी खंगाला जा रहा है कि सिराज के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे।














