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मझिआंव: निबंधन कार्यालय की गलती से म्यूटेशन के कई आवेदन हो रहे हैं खारिज, रैयत परेशान

On: June 11, 2025 11:26 AM
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मझिआंव: मामला अंचल कार्यालय मझिआंव का है, जिसमें रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन के लिए प्राप्त हो रहे ऑनलाइन आवेदनों को खारिज किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जमीन की रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन के लिए सीधे रजिस्ट्री ऑफिस से केवल ऑनलाइन अंचल कार्यालय के लोगों में भेज दिया जाता है, जिसमें ऑनलाइन में गलत ग्राम में म्यूटेशन का आवेदन प्राप्त हो रहा है। जिसके कारण म्यूटेशन के आवेदन अशोक कृत किया जा रहे हैं। जिससे अंचल क्षेत्र के रैयत काफी परेशान हो रहे हैं।


इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी अंचल निरीक्षक श्री धनलाल उरांव  द्वारा बताया गया कि ऐसे मामले मुख्यतः नगर पंचायत शहरी क्षेत्र के ग्राम में है जिसमें मुख्त: चंद्री, दुबेतहले, मझिआंव कला, मझिआंव खुर्द, पृथ्वीचक,रेसुआ,अखोरीतहले, मझगांवा इत्यादि में है। धनलाल उरांव के द्वारा यह भी बताया गया कि ऐसे मामले पिछले दो वर्षों से आ रहा है पहले ऑनलाइन प्राप्त हो रहे गलत ग्राम संबंधी म्यूटेशन केस की संख्या बहुत कम थी, परंतु वर्तमान में नगर पंचायत के अधिकतम केबल के म्यूटेशन के आवेदन गलत प्राप्त हो रहे हैं। जो सीधे निबंध के पश्चात प्रेषित किए जाते हैं।

इस मामले में नगर पंचायत के हल्का कर्मचारी सीताराम बडाईक के द्वारा बताया गया कि सो मोटो के तहत पेपर लेस, और कंटेंट लेस म्यूटेशन की सुविधा रातों के लिए राज्य सरकार के द्वारा मुहैया कराई गई है। जिसके तहत के बाल रजिस्ट्री के बाद सीधे निबंधन कार्यालय द्वारा संबंधित हल्का के लोगों में म्यूटेशन केस नंबर प्राप्त होता है। एवं सभी औपचारिक जांच के बाद म्यूटेशन की कार्रवाई की जाती है परंतु नगर पंचायत के अधिकतम केवाला गलत ग्राम में ऑनलाइन केस नंबर के साथ भेजा जा रहा है। बडाईक के द्वारा यह भी बताया गया की रजिस्ट्री के बाद ऑनलाइन प्राप्त हो रहे आवेदन में गलत नाम गलत गांव या अन्य गलत प्रविष्टि को सुधार करने का विकल्प नहीं होता है, जिसके कारण वैसे आवेदन को खारिज करना पड़ता है। ऑनलाइन आवेदन के खरीफ होने के बाद आवेदक को भूमि सुधार उप समाहर्ता के न्यायालय में अपील दायर करना होता है।   
गौरतलब है कि ऑनलाइन अपील के बाद भी गलत ग्राम एवं अन्य त्रुटि का सुधार नहीं हो पा रहा है जिसके कारण 2025 26 के वित्तीय वर्ष में ही दो माह के भीतर ऐसे कल मामले की संख्या 28 हो चुकी है। इन मामलों में विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं होने से रैयतों में काफी रोष व्याप्त है।

क्या कहे अंचल अधिकारी

इस संबंध में अंचल अधिकारी प्रमोद कुमार के द्वारा बताया गया कि मामला संज्ञान में आने के तुरंत बाद इस पर कार्रवाई करते हुए पत्राचार करके निबंधन पदाधिकारी एवं अन्य वरीय पदाधिकारीयों को इसकी सूचना दी गई है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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