नई दिल्ली: दिल्ली के पीतमपुरा गांव क्षेत्र में मंगलवार (13 जनवरी) को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक खाली प्लॉट में अचानक भीषण आग भड़क उठी। इस दर्दनाक हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से दो की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि तीन अन्य जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिस प्लॉट में आग लगी वह कबाड़ के गत्ते और कार्टन बॉक्स के भंडारण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके पर टीन की कई शेड्स बनी हुई थीं, जिनमें मजदूर रह रहे थे। अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और आसपास रखा ज्वलनशील कबाड़ इसकी चपेट में आ गया।
पुलिस के मुताबिक, थाना रानी बाग में आग लगने की सूचना पीसीआर कॉल के जरिए मिली। सूचना मिलते ही एसएचओ रानी बाग पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आग की भयावहता को देखते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। हालात इतने गंभीर थे कि आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की छह गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। काफी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घटनास्थल से पांच लोग बुरी तरह झुलसी अवस्था में मिले। सभी को तत्काल जहांगीरपुरी स्थित बीजेआरएम अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने दो लोगों (बीरेश और सतीश) को मृत घोषित कर दिया। वहीं तीन अन्य घायलों का इलाज जारी है, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी पीड़ित बिहार के नालंदा जिले के निवासी थे। ये लोग उसी खाली प्लॉट में बनी टीन की शेड्स में रहकर आसपास के बाजारों से कबाड़ का गत्ता और कार्टन इकट्ठा कर उसे बेचने का काम करते थे। जांच में यह भी पता चला है कि प्लॉट में कुल चार टीन शेड्स थीं, जिनमें से तीन पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।
अधिकारियों का कहना है कि बड़ी मात्रा में मौजूद ज्वलनशील कबाड़ के कारण आग तेजी से फैली, जिससे यह हादसा और भी भयावह हो गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।













