जर्मन अखबार का दावा: चार बार कॉल करने पर भी मोदी ने ट्रम्प से नहीं की बात, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की एंट्री भी रोकी

On: August 26, 2025 8:27 PM

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नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। जर्मनी के प्रमुख अखबार फ्रैंकफुर्टर ऑलगेमाइन ज़ाइटुंग (FAZ) ने दावा किया है कि इस टैरिफ विवाद और तीखी टिप्पणियों के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से बेहद नाराज हैं।
पीएम मोदी ने ठुकराए ट्रंप के फोन कॉल
FAZ की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से चार बार फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन पीएम मोदी ने कॉल रिसीव करने से इनकार कर दिया। अखबार का कहना है कि मोदी की नाराजगी की बड़ी वजह ट्रंप का हालिया बयान है, जिसमें उन्होंने भारत को “डेड इकोनॉमी” कहकर संबोधित किया था। अखबार में यह भी बताया गया है कि मोदी, वियतनाम लीडर और ट्रम्प के बीच हुए विवाद को लेकर भी सतर्क थे। दरअसल, ट्रम्प ने वियतनाम के सुप्रीम लीडर तो लम से टैरिफ मामले को लेकर फोन पर बात की थी। इस बातचीत में कोई पक्का समझौता नहीं हुआ था। लेकिन ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर ऐलान कर दिया कि उन्होंने वियतनाम के साथ व्यापार समझौता कर लिया है, जबकि हकीकत में ऐसा नहीं हुआ था। अखबार लिखता है कि मोदी नहीं चाहते कि भारत भी ऐसे किसी ‘स्टंट’ का हिस्सा बने, इसलिए उन्होंने ट्रम्प से बातचीत को लेकर साफ मना कर दिया। इसीलिए पीएम मोदी ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की प्रस्तावित दिल्ली यात्रा रद्द कर दी और संदेश दिया कि भारत ट्रम्प की इस कॉन्ट्रोवर्सी का हिस्सा नहीं बनेगा।
ट्रंप का भारत पर हमला
ट्रंप ने 31 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, “मुझे परवाह नहीं है कि भारत रूस के साथ क्या करता है। वे दोनों मिलकर अपनी मृत अर्थव्यवस्थाओं को और नीचे ले जा सकते हैं। भारत के टैरिफ दुनिया में सबसे ऊंचे हैं और हमने उनके साथ बहुत कम व्यापार किया है।”
इसी बयान के बाद भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति की नाराजगी का संज्ञान लिया और पीएम मोदी ने सीधे तौर पर ट्रंप से संवाद करने से दूरी बना ली।
27 अगस्त से लागू होगा नया टैरिफ
अमेरिका ने भारत पर जो 50 फीसदी टैरिफ लगाया है, वह ब्राजील के अलावा किसी भी अन्य देश पर लागू सबसे ऊंचा टैरिफ है। व्हाइट हाउस ने इस संबंध में नोटिस जारी करते हुए बताया कि नया टैरिफ सिस्टम 27 अगस्त रात 12:01 बजे से लागू होगा।
भारत पर जुर्माना भी
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका ने रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर जुर्माना लगाया है। ट्रंप प्रशासन लगातार भारत पर दबाव बना रहा है कि वह अमेरिकी कृषि व्यवसाय और अन्य उत्पादों के लिए अपने बाजार खोले। लेकिन पीएम मोदी इस दबाव के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं।
भारत का रुख
सूत्रों के अनुसार, भारत मौजूदा समय में “सावधानीपूर्वक कदम” उठा रहा है। भारत सरकार का मानना है कि अमेरिका के टैरिफ निर्णय से दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक रिश्तों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
रिश्तों में खटास
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले 25 सालों से मजबूत हो रहे भारत-अमेरिका संबंधों में यह सबसे बड़ा झटका है। अभी तक भारत ने अमेरिका के खिलाफ किसी ठोस जवाबी कदम की घोषणा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि वाणिज्य मंत्रालय जल्द ही इस पर रणनीति बना सकता है।