रांची: झारखंड सरकार और बैंक ऑफ इंडिया के बीच मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में सैलरी समझौता एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू के तहत बैंक ऑफ इंडिया की ओर से राज्य सरकार के स्थायी, संविदा कर्मचारियों और पेंशनधारकों के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारियों को शुभकामनाएं देते हुए बैंक ऑफ इंडिया का आभार प्रकट किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक ऑफ इंडिया द्वारा उठाया गया यह कदम बेहद संवेदनशील और दूरदर्शी है। कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए जीवन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जो विशेष पैकेज तैयार किया गया है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि हर कर्मचारी की यह स्वाभाविक इच्छा होती है कि सेवा काल में नियमित वेतन के साथ-साथ सेवानिवृत्ति के बाद भी उसे ऐसी सुविधाएं मिलें, जिससे वह अपना जीवन सम्मान और सुख के साथ व्यतीत कर सके।
हेमंत सोरेन ने कहा कि जीवन में दुर्घटना या कोई अप्रत्याशित घटना कभी भी, किसी के साथ भी हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में यदि प्रभावित परिवार को तत्काल सहायता मिलती है, तो यह उनके लिए बड़ी राहत बनती है। यही सोच इस पैकेज की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन की व्यवस्था तो पहले से है, लेकिन पेंशन के साथ स्वास्थ्य और जीवन सुरक्षा से जुड़े अतिरिक्त लाभ उन्हें और अधिक सुरक्षित बनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की परिकल्पना है कि राज्य के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसके लिए यह आवश्यक है कि सभी योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ लागू हों और सही लाभार्थियों तक समय पर पहुंचें। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से भी सशक्त बनाना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बैंक और सरकार के बीच इस तरह की साझेदारी से कर्मचारियों और पेंशनधारियों का भरोसा मजबूत होगा और उन्हें भविष्य को लेकर सुरक्षा का एहसास मिलेगा। कार्यक्रम में बैंक ऑफ इंडिया और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
यह एमओयू राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे उन्हें वेतन और पेंशन से जुड़े बैंकिंग लाभों के साथ-साथ सुरक्षा और सुविधा का बेहतर पैकेज मिल सकेगा।












