सांसद ढुल्लू,विधायक शत्रुघ्न महतो, बीसीसीएल बरोरा जीएम व पीओ काजल सरकार पर रंगदारी मांगने का आरोप,सीएम हेमंत से शिकायत
धनबाद : सांसद ढुल्लू महतो, बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, बीसीसीएल बरोरा एरिया के जीएम पीयूष किशोर व पीओ काजल सरकार पर रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगा है। इस संदर्भ में कोयला डीओ होल्डर कन्हाई ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कोयला सचिव, झारखंड के डीजीपी व धनबाद डीसी माधवी मिश्रा से लिखित शिकायत की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि विरोध करने पर 15 दिनों से उनके ट्रकों को लोडिंग नहीं होने दिया जा रहा है। जबकि रंगदारी देने वाले ट्रकों को तुरंत लोड किया जा रहा है।
कोयला डीओ होल्डर कन्हाई चौहान के आरोप के मुताबिक इन लोगों द्वारा कोयला लोडिंग के नाम पर जबरन 1600 रुपये प्रति टन रंगदारी वसूली जा रही है।
इस संबंध में कन्हाई चौहान ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कोयला सचिव, झारखंड के डीजीपी व धनबाद डीसी माधवी मिश्रा को पत्र लिखित शिकायत की है। कन्हाई चौहान ने शनिवार को धनबाद के गांधी सेवा सदन में प्रेसवार्ता में कहा कि बीसीसीएल के कोयला डिपो में ट्रक लोडिंग में सामान्य तौर पर 400 रुपये प्रति टन मजदूरी होती है लेकिन सांसद ढुल्लू महतो, विधायक शत्रुघ्न महतो, जीएम पीयूष किशोर व पीओ काजल सरकार की मिलीभगत से यह राशि बढ़ाकर 1600 रुपये प्रति टन कर दी गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब इसका विरोध किया, तो पिछले 15 दिनों से उनके ट्रकों को लोडिंग से रोका जा रहा है. जबकि रंगदारी देने वाले ट्रकों को तुरंत लोड कराया जा रहा है.धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो, बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, बीसीसीएल बरोरा एरिया के जीएम पीयूष किशोर व पीओ काजल सरकार पर कोयला डीओ होल्डर कन्हाई चौहान ने गंभीर आरोप लगाए हैं.
चौहान का कहना है कि इन लोगों द्वारा कोयला लोडिंग के नाम पर जबरन 1600 रुपये प्रति टन रंगदारी वसूली जा रही है.
इस संबंध में कन्हाई चौहान ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कोयला सचिव, झारखंड के डीजीपी व धनबाद डीसी माधवी मिश्रा को पत्र लिखकर शिकायत की है।
यह जानकारी कन्हाई चौहान ने शनिवार को धनबाद के गांधी सेवा सदन में प्रेसवार्ता में देते हुए कहा कि बीसीसीएल के कोयला डिपो में ट्रक लोडिंग में सामान्य तौर पर 400 रुपये प्रति टन मजदूरी होती है. लेकिन सांसद ढुल्लू महतो, विधायक शत्रुघ्न महतो, जीएम पीयूष किशोर व पीओ काजल सरकार की मिलीभगत से यह राशि बढ़ाकर 1600 रुपये प्रति टन कर दी गई है।
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