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भू-माफियाओं के विरुद्ध सांसद ने किया कमिटी गठन

On: November 11, 2023 3:48 PM
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भास्कर उपाध्याय

हजारीबाग:- लोकसभा सांसद सह अध्यक्ष, वित्त संबंधी संसदीय स्थाई समिति जयंत सिन्हा ने हजारीबाग जिले में चल रही माफियागिरी एवं भ्रष्ट पदाधिकारियों की मिलीभगत से मंदिर, मठ और गरीबों की जमीन की लूट का मामला संज्ञान में आया तब इन्होंने भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करने के लिए उनके खिलाफ आवाज बुलंद कर इनकी कारगुज़ारियों को जनता के सामने लाने के लिए सांसद प्रतिनिधि मंडल का गठन कर मामले की सच्चाई का पता लगाने का निर्देश दिया। प्रतिनिधि मंडल में सांसद प्रतिनिधि प्रफुल्ल कुमार, सांसद के निजी सचिव हिमांशु कुमार एवं सांसद के मीडिया प्रभारी अनिल सिन्हा ने जांच के क्रम में पाया की इन भ्रष्ट पदाधिकारियों एवं भू-माफियाओं के द्वारा मठ, मंदिर एवं गरीबों को भी नहीं बक्शा है। इन्होंने खुले आम भ्रष्टाचार का नंगा नाच किया है जिसमें सिरसी स्थित मंदिर मठ की जांच के क्रम में अनेकों मामले सामने आए। मंदिर मठ के केयरटेकर रामलोचन गोप ने बताया कि इस मंदिर मठ की स्थापना 16 अप्रैल 1929 को गुरु बाबा के कर कमरों के द्वारा किया गया था। गुरु बाबा ने इस तरह के मठ की स्थापना भारत के अन्य शहरों में भी किया था। मगर जिस तरह हजारीबाग जिले में जमीन माफिया और भ्रष्ट पदाधिकारियों ने कोहराम मचाया और जमीन की लूटपाट की वैसा किसी अन्य शहर में नहीं हुआ तथा अन्य शहरों के मठ और मंदिर आज भी सुरक्षित हैं। मठ के अंदर आज भी पूज्य बाबा जी की समाधि स्थित है तथा उन्होंने अपने शरीर का त्याग इसी मठ के प्रांगण में किया था। उनकी उनकी इच्छा थी कि यही उनकी समाधि बनाई जाए। उनके समाधि के साथ उनकी धर्मपत्नी पूजनीय माता जी की भी समाधि इसी स्थान पर स्थापित है। हम लोग आज भी श्रद्धापूर्वक उनके बिस्तर को लगाते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। केयर टेकर श्री गोप ने बताया कि मैं लगभग 40 वर्षों से इस मठ की सेवा करता आ रहा हूं। इस जमीन लूट की घटना के पूर्व भी भू-माफियाओं के द्वारा अनैतिक रूप से मठ के जमीन को बेचने का प्रयास किया गया था, जिसमें वह सफल नहीं हो पाए। अभी भी इस जमीन के मालिक के रूप में क्रमशः रूबी मुखर्जी, कन्हैयालाल बसु, नारायण बसु, जग्गू मुखर्जी एवं राजा दा सहित अन्य लोग कोलकाता में रहते हैं। जब उन सब को इस घटना के बारे में पता चला तो वह जल्द ही हजारीबाग आकर घटना की विस्तृत जानकारी लेंगे और आगे की कार्रवाई करेंगे।

इन सब बातों की जानकारी होने के उपरांत सांसद प्रतिनिधि प्रफुल कुमार ने कहा कि हजारीबाग के अपर समाहर्ता राकेश रौशन एवं कटकमदाग अंचल के तत्कालीन अंचलाधिकारी शशि भूषण सिंह के द्वारा 100 साल से भी अधिक पुराने हजारीबाग जिले में कटकमदाग प्रखंड के सिरसी ग्राम में स्थित मंदिर एवं अवधूत आश्रम की 1.67 एकड़ जमीन पर भू माफियाओं के पक्ष में अपना फैसला अपने रिटायरमेंट के दिन 31 अक्टूबर को दे दिया। विदित हो कि अपर समाहर्ता के द्वारा उक्त जमीन का फैसला 12 अक्टूबर 23 को दे दिया गया था, मगर किन परिस्थितियों में उन्होंने इतने दिनों तक मामले को गुप्त रखा और जब भू माफियाओं से लेनदेन पूरा हो गया तब अपर समाहर्ता राकेश रौशन ने अपने नौकरी के अंतिम दिन फैसला देकर भू-माफिया को लाभ पहुंचाने का काम किया। दूसरा मामला कटकमदाग अंचल अंतर्गत सिरसी मौजा के खाता नंबर 257, प्लॉट नंबर 882, कुल रकबा 19.20 एकड़ जमीन से संबंधित है। पूर्व के अंचल अधिकारी के द्वारा उक्त जमीन को सरकारी बताकर प्रमोद जायसवाल पर अतिक्रमण करने का मामला दर्ज करने के लिए कटकमदाग थाने में आवेदन दिया गया था। मगर कुछ समय उपरांत यह सरकारी जमीन किस आधार पर प्राइवेट संपत्ति बन गया और वन भूमि क्षेत्र से बाहर बात कर कटकमदाग के तत्कालीन अंचल अधिकारी के द्वारा भूमि माफिया को सौंप दिया गया। इसी तरह तीसरे मामले की भी जानकारी आयुक्त उत्तरी छोटा नागपुर प्रमंडल हजारीबाग को दिया गया। इस मामले में सांसद प्रतिनिधि प्रफुल्ल कुमार ने आयुक्त महोदय को बताया कि इन भ्रष्ट पदाधिकारी ने रिक्शा पड़ाव को भी नहीं छोड़ा। मामला कचहरी रोड स्थित रिक्शा पड़ाव का है। उक्त रिक्शा पड़ाव को भी इन पदाधिकारीयों ने मात्र 25 हजार रूपया शुल्क लेकर दो व्यक्तियों के नाम से सेटलमेंट कर दिया। इस तरह के अनेकों मामले सामने आएंगे तथा अगर सच्चाई से जांच की जाए तो भ्रष्ट पदाधिकारीयों को अवश्य ही सजा मिल पाएगी। उनकी मांग पर आयुक्त उत्तरी छोटा नागपुर प्रमंडल ने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अति शीघ्र इस पर कार्रवाई किया जाएगा। आयुक्त महोदय ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह का यह बहुत ही अनैतिक कार्य है, और जल्द ही इस पर संज्ञान लिया जाएगा। साथ ही दोषियों पर कार्रवाई भी किया जाएगा। उक्त जानकारी सांसद मीडिया प्रभारी अनिल सिन्हा ने दिया।

Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।

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