माझी परगना महालों ने राष्ट्रपति को भेजा पत्र
जमशेदपुर: माझी पारगना माहाल पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के अगुवाओं का कहना है कि वर्तमान में झारखंड सरकार द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 Z ‘C’ के तहत् पांचवी अनुसूचित क्षेत्रों में असंवैधानिक नगर निगम नगर पालिका, नगर पंचायत का चुनाव कराया जा रहा है। जिसका हम पूरजोर विरोध करते हैं एवं आसन्न चुनाव में रोक लगाते हुए निरस्त करने कि मांग करते हैं।
विदित् हो कि पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, चाईबासा, रांची, संथाल परगना के सभी जिलों सहित प्रदेश के 13 जिला पूर्ण रूप से पांचवी अनुसूचित अधिसूचित है। इन जिलों में झारखंड पेसा नियमावली 2025 लागू हो चुकी है। पांचवी अनुसूचित क्षेत्रों में पारंपरिक आदिवासी स्वशासन व्यवस्था को ग्राम सभा के संचालन हेतु अधिकृत किया गया है, ऐसे में पांचवी अनुसूचित क्षेत्रों में असंवैधानिक नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत का चुनाव कराना संविधान के 243 Z ‘C’ और पेसा नियमावली 2025 का घोर उलंघन होगा।
अतः महामहिम से निवेदन है कि झारखंड राज्य के पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में असंवैधानिक नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत चुनाव पर रोक लगा कर संविधान में उल्लेख प्रावधान का उल्लंघन, झारखंड पेसा नियमावली 2025, ग्राम सभा के अधिकार को न्यून करने, आदिवासी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को समाप्त करने से बचाने के लिए अविलंब पहल करते हुए निरस्त करने कि कृपा प्रदान करें।
इस ज्ञापन को भी उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया को भेजा गया।












