रांची: झारखंड की राजधानी रांची के नामकुम थाना से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 12 वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या के आरोप में गिरफ्तार आरोपी ने थाना हाजत में खुदकुशी कर ली। पुलिस के अनुसार आरोपी ने बुधवार देर रात हाजत के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
गुरुवार सुबह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है। पूरे मामले को लेकर पुलिस अब जांच में जुट गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर थाना हाजत के अंदर आरोपी ने फांसी कैसे लगाई।
मृतक की पहचान जगय मुंडा के रूप में हुई है। वह झारखंड के खूंटी जिले के साइको थाना क्षेत्र के कोल्हापूर्ति गांव का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि गांव की ही एक महिला के साथ उसका अवैध संबंध था। कुछ समय से वह उसी महिला के साथ नामकुम थाना क्षेत्र में रह रहा था।
जानकारी के अनुसार रविवार को आरोपी और महिला के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद के बाद गुस्से में आकर जगय मुंडा ने महिला के 12 वर्षीय बेटे रमेश हजाम का अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद वह बच्चे को रामगढ़ जिले के घाटो इलाके में ले गया। वहां उसने बच्चे की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को दफना दिया।
बच्चे के अचानक लापता होने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और शक के आधार पर जगय मुंडा को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान पुलिस की सख्ती के बाद आरोपी ने बच्चे के अपहरण और हत्या की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस रामगढ़ के घाटो इलाके में पहुंची, जहां जमीन में दफनाए गए बच्चे के शव को बरामद किया गया।
बच्चे का शव बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर नामकुम थाना की हाजत में रखा था। बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात उसने हाजत के अंदर ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब पुलिसकर्मियों की नजर उस पर पड़ी तो वह फंदे से लटका हुआ मिला।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों और परिस्थितियों को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।














