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बिहार: राज्यसभा में एनडीए ने किया क्लीन स्वीप,पांचो उम्मीदवार जीते

On: March 16, 2026 8:51 PM
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नईदिल्ली:राज्यसभा चुनाव में बिहार में NDA ने एक बार फिर क्लीन स्वीप कर दिया है और महागठबंधन को करारी हार मिली है। एनडीए के पांचो उम्मीदवार जीत गए हैं। विधानसभा चुनाव के बाद राज्यसभा में भी विपक्ष को हार का मुंह देखना पड़ा है।

बता दें कि बिहार से राज्यसभा के खाली हुए 5 सीटों के लिए एनडीए बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) प्रमुख नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा (दोनों राज्यसभा के मौजूदा सदस्य) और भाजपा के शिवेश कुमार को उतारा था. इन सभी को जीत मिल गई है.

NDA के 202 विधायकों ने की वोटिंग, MGB के 37 विधायकों ने ही किया मतदान

बिहार में 5 सीटों पर राज्यसभा चुनाव में एनडीए के 202 विधायकों ने वोटिंग किया. महागठबंधन के 37 विधायकों ने ही वोटिंग किया है.
महागठबंधन के तरफ से कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास, कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह और राजद विधायक फैसल रहमान वोटिंग के लिए नहीं पहुंचे.

243 विधासभा वाले बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए चुनाव

मालूम हो कि बिहार में विधानसभा की कुल 243 सीटें हैं. यहां राज्यसभा की 5 सीटों के लिए चुनाव हुआ है. लेकिन 5 सीटों के लिए 6 कैंडिडेट मैदान में थे. ऐसे में यहां के राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर हर किसी नजर थी. बिहार में NDA के 202 विधायक है. वहीं, महागठबंधन के 35 विधायक हैं.

असल मुकाबला पांचवीं सीट को लेकर था

विधायकों के संख्याबल के जरिए यह साफ था कि NDA को राज्यसभा की 4 सीटों पर तो आसानी से जीत मिल जाएंगी. असल मुकाबला पांचवीं सीट के लिए था. बिहार में राज्यसभा के एक उम्मीदवार को जीत के लिए 41 विधायकों के वोट की जरूरत थी. इस लिहाज से एनडीए को 4 सीटों की जीत के लिए 164 विधायक लगे. इसके बाद NDA के पास 38 विधायक थे 5वीं सीट जीतने के लिए उसे 3 और विधायकों का समर्थन चाहिए था. जिसे एनडीए ने आसानी से पा लिया.

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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