गढ़वा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के 112 अति पिछड़े जिलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से आकांक्षी जिला कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम के तहत गढ़वा जिला को भी शामिल किया गया है। इन जिलों को देश के अग्रणी जिलों की श्रेणी में लाने की जिम्मेदारी नीति आयोग को सौंपी गई है। इसी क्रम में केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक आकांक्षी जिले के लिए एक केंद्रीय मंत्री एवं एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
इसी कड़ी में भारत सरकार के केंद्रीय सचिव सह सीएमडी आरईसी लिमिटेड एवं नीति आयोग के गढ़वा जिला के नोडल पदाधिकारी जितेंद्र श्रीवास्तव दो दिवसीय दौरे पर गढ़वा पहुंचे। दौरे के पहले दिन उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न सूचकांकों एवं केंद्र सरकार की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की।

बैठक के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, कौशल विकास सहित अन्य प्रमुख सूचकांकों की प्रगति की समीक्षा की गई। केंद्रीय सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लक्ष्य आधारित कार्य करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के बाद केंद्रीय सचिव ने जिले के अति पिछड़े क्षेत्र चिनिया प्रखंड का दौरा किया। यहां उन्होंने मछली उत्पादन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। जिले में मत्स्य उत्पादन की दिशा में हो रहे प्रयासों को देखकर उन्होंने प्रसन्नता जताई और इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाला कदम बताया।
इसके बाद उन्होंने चिनिया प्रखंड स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपकेंद्र में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को देखते हुए उन्होंने वहां डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

मौके पर उपायुक्त ने कहा कि केंद्रीय सचिव के दौरे के दौरान कई योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया गया है और आवश्यक सुधारों को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिले सभी निर्देशों और सुझावों पर जिला प्रशासन गंभीरता से अमल करेगा, ताकि आकांक्षी जिला कार्यक्रम के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके।














