नई दिल्ली: लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आखिरकार ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया। दो दिनों तक चली तीखी बहस और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बाद सदन ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, जिससे ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।
यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने 50 से अधिक विपक्षी दलों के समर्थन से पेश किया था। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि स्पीकर सदन के संचालन में निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं और विपक्षी दलों के नेताओं के साथ पक्षपात किया जा रहा है। इसी आधार पर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था।
दो दिन तक चली जोरदार बहस
अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में लगातार दो दिनों तक बहस चली। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने स्पीकर का बचाव करते हुए विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने हमेशा संसदीय परंपराओं और नियमों के तहत ही सदन का संचालन किया है।
गृह मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह सदन की कार्यवाही को बाधित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
वोटिंग के दौरान हंगामा
जब अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई तो विपक्षी दलों के सांसदों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कई सांसद हंगामा करते हुए सदन के वेल में पहुंच गए। इस दौरान कुछ देर के लिए सदन में अफरा-तफरी का माहौल भी बन गया।
हालांकि शोर-शराबे के बीच ही पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने ध्वनि मत से मतदान कराया। ध्वनि मत में प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया।
सदन की कार्यवाही कल तक स्थगित
अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद पीठासीन अधिकारी ने लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार, 12 मार्च को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।











