नई दिल्ली: भारत की जनगणना 2027 की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू हो गई हैं। गृह मंत्रालय ने जनगणना के पहले चरण हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना के लिए प्रश्नावली (Questionnaire) की अधिसूचना जारी कर दी है। यह पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित किया जाएगा।
इस चरण में जनगणना के लिए नियुक्त अधिकारी घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र करेंगे। इसका उद्देश्य देश में आवासीय स्थिति, बुनियादी सुविधाओं और परिवारों की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर को समझना है।
पहले चरण में क्या होगी प्रक्रिया?
पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण (House Listing) और हाउसिंग जनगणना की जाएगी। इस दौरान जनगणना कर्मी हर मकान का भौतिक विवरण दर्ज करेंगे और उसमें रहने वाले परिवारों से आवश्यक जानकारियां लेंगे।
घर-घर जाकर पूछे जाएंगे ये प्रमुख सवाल
गृह मंत्रालय द्वारा जारी प्रश्नावली के अनुसार, जनगणना अधिकारी निम्नलिखित जानकारियां एकत्र करेंगे
• बिल्डिंग नंबर (नगरपालिका/स्थानीय निकाय या जनगणना नंबर)
• जनगणना मकान नंबर
• मकान के फर्श, दीवार और छत की मुख्य सामग्री
• जनगणना मकान का उपयोग (रिहायशी/व्यावसायिक/अन्य)
• मकान की स्थिति
• परिवार संख्या
• परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या
• परिवार के मुखिया का नाम और लिंग
• क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य वर्ग से संबंधित है
• मकान की स्वामित्व स्थिति
• परिवार के कब्जे में कमरों की संख्या
• परिवार में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या
इसके अलावा, जनगणना के दौरान घरों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे
• पीने के पानी का मुख्य स्रोत और उसकी उपलब्धता
• रोशनी का प्रमुख स्रोत
• शौचालय तक पहुंच और उसका प्रकार
• गंदे पानी की निकासी व्यवस्था
• नहाने की सुविधा
• रसोई और LPG/PNG कनेक्शन की उपलब्धता
• खाना पकाने में उपयोग होने वाला मुख्य ईंधन
पहली बार जनगणना में डिजिटल कनेक्टिविटी और घरेलू संसाधनों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत जानकारी ली जाएगी
रेडियो/ट्रांजिस्टर
टेलीविजन
इंटरनेट तक पहुंच
लैपटॉप/कंप्यूटर
टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्टफोन
साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड
कार/जीप/वैन
परिवार में खाया जाने वाला मुख्य अनाज
मोबाइल नंबर (केवल जनगणना से संबंधित संचार के लिए)
भारत की जनगणना दुनिया की सबसे बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया मानी जाती है। इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
पहला चरण
हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना
अप्रैल 2026 से सितंबर 2026
दूसरा चरण
जनसंख्या गणना (Population Enumeration – PE)
फरवरी 2027
हालांकि, लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के बर्फीले नॉन-सिंक्रोनस क्षेत्र, तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में दूसरा चरण सितंबर 2026 में ही कराया जाएगा।
नीतियों और योजनाओं के लिए अहम होगी जनगणना
सरकार के अनुसार, जनगणना से प्राप्त आंकड़े नीतिगत निर्णयों, विकास योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। इसी आधार पर आने वाले वर्षों में देश की विकास रणनीति तय की जाएगी।














