---Advertisement---

अब हर स्मार्टफोन में जरूरी होगा साइबर सेफ्टी ऐप, सरकार ने निर्माताओं को ‘संचार साथी’ ऐप प्रीलोड करने का दिया आदेश

On: December 1, 2025 2:23 PM
---Advertisement---

Cyber Safety: भारत में मोबाइल सुरक्षा को मजबूत करने और साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। दूरसंचार मंत्रालय ने एक अहम आदेश जारी करते हुए कहा है कि देश में निर्मित और बेचे जाने वाले सभी नए स्मार्टफोन्स में ‘Sanchar Saathi’ ऐप प्री-लोडेड होना अनिवार्य होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यूजर इस ऐप को फोन से हटा भी नहीं पाएंगे।

सरकार का आदेश: 90 दिन में लागू होंगी नई व्यवस्था

28 नवंबर को जारी आदेश के मुताबिक स्मार्टफोन निर्माताओं को इस नए प्रावधान को लागू करने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद बाजार में आने वाले किसी भी नए फोन में यह ऐप अनिवार्य रूप से मौजूद होना चाहिए।

उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मोबाइल कंपनियों का कहना है कि इस फैसले पर पूर्व सलाह-मशविरा नहीं किया गया, जिससे कंपनियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

क्या है संचार साथी?

Sanchar Saathi एक सरकारी साइबर सुरक्षा ऐप है, जिसे इस साल जनवरी में लॉन्च किया गया था। यह ऐप मोबाइल चोरी, फर्जी IMEI नंबर, धोखाधड़ी वाले कॉल्स और साइबर फ्रॉड से जुड़े कई मामलों में मदद प्रदान करता है।

ऐप की प्रमुख सुविधाएं

• चोरी या गुम हुए मोबाइल को ब्लॉक करना

• फर्जी IMEI नंबर की पहचान

• संदिग्ध और धोखाधड़ी वाले कॉल की रिपोर्ट

• फोन ट्रैकिंग और रिकवरी में सहायता

सरकारी आंकड़े बताते हैं बड़ी उपलब्धि

लॉन्च के बाद से ही संचार साथी ऐप ने कई महत्वपूर्ण सफलताएं दर्ज की हैं। 3.7 मिलियन से अधिक चोरी/गुम फोन ब्लॉक किए जा चुके हैं। केवल अक्टूबर माह में 50,000 से ज्यादा चोरी हुए फोन बरामद किए गए। 30 मिलियन से अधिक फर्जी मोबाइल कनेक्शंस बंद किए गए। ऐप को अब तक 50 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।

सरकार का कहना है कि यह ऐप राष्ट्रीय स्तर पर मोबाइल सुरक्षा और साइबर संरचना को मजबूत करता है, साथ ही चोरी हुए फोन को बेचना अपराधियों के लिए कठिन बना देता है।

मोबाइल कंपनियों की बढ़ी चिंता

नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। कंपनियों का मानना है कि ऐप को फोन के सिस्टम में स्थायी रूप से जोड़ने में तकनीकी चुनौतियां आ सकती हैं। ग्राहकों को अनडिलीटेबल ऐप पसंद न आए, जिससे उपयोगकर्ता अनुभव प्रभावित हो सकता है। निर्णय से पहले बातचीत की जानी चाहिए थी।


हालांकि, सरकार का स्पष्ट कहना है कि बढ़ते साइबर खतरे, मोबाइल चोरी और फर्जी कनेक्शनों को रोकने के लिए यह कदम जनहित में आवश्यक है।

भारत में मोबाइल सुरक्षा को लेकर यह फैसला एक बड़ा और निर्णायक कदम है। जहां एक ओर सरकार का दावा है कि इससे देश की साइबर सेफ्टी मजबूत होगी, वहीं कंपनियों के लिए यह एक नई चुनौती बनकर सामने आया है। आने वाले तीन महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उद्योग इस बदलाव के साथ खुद को कितनी सहजता और तेजी से ढाल पाता है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

Join WhatsApp

Join Now