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अब गढ़वा की बेटी छाया ने UPSC में किया कमाल,530 वां रैंक,पिता पीएम आवास योजना से!

On: April 22, 2025 3:24 PM
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गढ़वाः अब गढ़वा की बेटी ने यूपीएससी परीक्षा में 530 वां रैंक लाकर गढ़वा का नाम रोशन कर दिया है। जबकि उसके पिता कर्ज लेकर उसे पढ़ रहे थे और बिटिया शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही। गांव में खुशी का माहौल है।अब उसकी सफलता पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। खास बात यह है कि पिता पीएम आवास योजना से घर बनवा रहे थे। इसी दौरान सफलता मिली है।

बत दें कि जिले में पहले शिवेंदु शिवम फिर नम्रता चौबे, साक्षी जमुवार और अब छाया कुमारी ने परचम लहराया है।

गढ़वा जिले के मेराल प्रखंड के अकलवाणी गांव में एक घर के बाहर लगा जमवाड़ा बधाई देने वालों का है क्योंकि इस घर कि बेटी ने यूपीएससी परीक्षा पास की है। पिता के आंखों से खुशी के आंसू छलक रहे हैं। बेटी ने इतिहास रचा है।घर की बेटी छाया ने यूपीएससी कि परीक्षा पास की है। 6 माह पहले छाया बीपीएससी परीक्षा पास कर बिहार में प्रशिक्षण ले रही थी कि आज उसे एक नई खुशी मिली।

छाया के पिता ने कहा कि बेटी शुरू से ही पढ़ाई के प्रति सजग थी।वो लगातर अपनी कक्षा टॉपर रही थी।बीएससी में गोल्ड मेडिलिस्ट थी तो राष्ट्रपति महोदया द्रौपदी मुर्मू से सम्मानित भी हो चुकी है। उसने फर्स्ट अटेंप में बीपीएससी और पांचवें अटेंप में यूपीएससी क्वालिफाई कर लिया. पिता एजेंटी तो कभी किसानी कर बेटियों को पढ़ाने में दिन रात एक किए हुए थे।आज उसी मेहनत का फल है कि बेटी ने इतिहास रच दिया।

माता और पिता मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गए और कहा कि अब मैं बेटी के नाम से जाना जाऊंगा, इससे बड़े गर्व की बात क्या हो सकती है, क्योंकि मैंने बेटियों की पढ़ाई के लिए गांव में कर्ज लेकर बेटियों को इस मुकाम तक पहुंचाया है। जैसे ही बेटी ने मुझे कॉल कर जानकारी दी मैं और परिवार खुशी से झूम उठा।

बेटी ने मुझे बस यही कहा कि पापा मैंने आपके सपने को पूरा किया। बहन ने दीदी को खुशी का इजहार करते हुए बधाई दी। जबकि बड़े पापा भी भावुक होते हुए कहा कि हमारी बिटिया आज घर सहित पूरे गांव का नाम रोशन किया है।उसको लेकर हमलोग दोनों भाइयों में, कभी कभी पढ़ाई को लेकर विवाद भी हो जाता था।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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