नई दिल्ली: ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने और उपभोक्ताओं को बिजली खर्च को लेकर जागरूक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 1 जनवरी 2026 से देशभर में घरेलू इलेक्ट्रिक उपकरणों की बिक्री को लेकर नई अनिवार्य नियमावली लागू कर दी गई है। इसके तहत अब घर में इस्तेमाल होने वाले कई प्रमुख इलेक्ट्रिक उपकरणों पर ऊर्जा दक्षता स्टार रेटिंग लेबल होना अनिवार्य होगा।
नए नियमों के मुताबिक, जिस उपकरण पर मान्य स्टार लेबल नहीं होगा, उसकी बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यह व्यवस्था ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) के अंतर्गत लागू की गई है, जो पहले से ही देश में स्टार रेटिंग प्रणाली का संचालन करता आ रहा है।
किन उपकरणों पर लागू होगा नया नियम
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस नियम के दायरे में आने वाले प्रमुख उपकरणों में शामिल हैं
• रेफ्रिजरेटर (फ्रिज)
• एयर कंडीशनर
• वॉशिंग मशीन
• टेलीविजन
• अन्य बड़े घरेलू इलेक्ट्रिक उपकरण
इन सभी उत्पादों पर अब ऊर्जा खपत, दक्षता स्तर और प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी स्टार लेबल के माध्यम से स्पष्ट रूप से दिखाना अनिवार्य होगा।
उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा
सरकार का कहना है कि इस फैसले से उपभोक्ताओं को उपकरण खरीदते समय सही जानकारी पहले से मिल सकेगी। ग्राहक आसानी से यह समझ पाएंगे कि कौन-सा मॉडल कम बिजली खपत करता है। 5-स्टार रेटिंग वाले उपकरणों को अधिक ऊर्जा-कुशल माना जाता है। इससे बिजली बिल में सीधी बचत होगी। लंबे समय में घरेलू खर्च पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
स्टार रेटिंग सिस्टम के जरिए ग्राहक अलग-अलग ब्रांड और मॉडलों की तुलना कर सकेंगे, जिससे स्मार्ट और समझदारी भरी खरीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
निर्माताओं और विक्रेताओं पर भी असर
इस नियम का सीधा प्रभाव निर्माताओं और रिटेलर्स पर भी पड़ेगा।
कंपनियों को अपने उत्पादों को नए ऊर्जा मानकों के अनुरूप अपडेट करना होगा। बिना प्रमाणित स्टार लेबल वाले उपकरण बाजार में नहीं उतारे जा सकेंगे। पुराने स्टॉक को समय रहते हटाना या अपग्रेड करना अनिवार्य होगा। सरकार का साफ संदेश है कि कम-दक्ष और अधिक ऊर्जा खपत करने वाले उपकरणों के लिए अब बाजार में कोई जगह नहीं होगी।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम
सरकार का मानना है कि यदि अधिक लोग ऊर्जा-कुशल उपकरणों को अपनाते हैं, तो
• देश में कुल बिजली खपत में कमी आएगी
• कार्बन उत्सर्जन घटेगा
• पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी
यह कदम न केवल उपभोक्ता हित में है, बल्कि जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य
सरकार इस नीति के जरिए यह सुनिश्चित करना चाहती है कि देश में बिकने वाला हर प्रमुख घरेलू इलेक्ट्रिक उपकरण ऊर्जा-सुरक्षित और मानक-अनुरूप हो। स्टार रेटिंग को अनिवार्य बनाकर उपभोक्ताओं को पारदर्शी जानकारी देना और बिजली उपयोग पर बेहतर नियंत्रण स्थापित करना इस फैसले का मुख्य उद्देश्य है।
अब 1 जनवरी 2026 के बाद बाजार में बिकने वाले हर बड़े इलेक्ट्रिक उपकरण पर स्टार रेटिंग का स्पष्ट होना जरूरी होगा। सरकार भी कंपनियों को ऐसे उपकरणों को बनाने और बेचने पर सब्सिडी देती है, जो देश की ऊर्जा नीति का हिस्सा है और इसका फायदा ग्राहकों को भी मिलता है।












