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ईद के मौके पर भारत का एक और दुश्मन हाफिज सईद का करीबी ढेर, आतंक के आकाओं में हड़कंप

On: March 31, 2025 8:18 AM
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पाकिस्‍तान: ईद के मौके पर भारत का एक और दुश्मन जो कि हाफिज सईद का रिश्तेदार बताया जा रहा है। जो कि आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए फंड उगाही का काम करता था। नाम था अब्दुल रहमान जिसको कराची में अज्ञात बंदूकधारी में ढेर कर दिया। फिर से एक बार पाकिस्तान आतंकियों और उनके आकाओं में हड़कंप मच गया है।

अब्दुल रहमान आतंकवादी संगठन लश्कर के लिए फंड कलेक्शन का काम करता था।जितने भी फंड कलेक्टर कराची में फंड उगाने का काम करते थे वह सभी अब्दुल रहमान के पास आकर फंड जमा करते थे जहां से यह आगे जाता था।

पिछले कुछ सालों से आतंकवाद का आका पाकिस्तान बहुत परेशान है।एक तरफ बलूचिस्‍तान में बीएलए यानी बलूचिस्‍तान लि‍ब्रेशन आर्मी और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्‍तान के विद्रोही लगातार पाकिस्‍तानी सेना को निशाना बना रहे हैं. वहीं, शाहबाज शरीफ के देश में भारत में आतंकी घटनाओं में शामिल दहशतगर्दों को अज्ञात लोग एक-एक कर ठिकाने लगा रहे हैं. जिस व्‍यक्ति ने हाफिज सईद के करीबी को निशाना बनाया, उसे ना तो किसी ने देखा और ना ही कोई पहचानता है.

दुकान पर सामान खरीदने आया हमलावर

सीसीटीवी कैमरे की जो तस्‍वीर सामने आ रही है, उसमें देखा जा सकता है कि दुकान में मौजूद अब्‍दुल रहमान से एक शख्‍स सामाना खरीदने आया।फिर उस पर गोली चलाने के बाद मौके से फरार हो गया।हाफिज सईद के करीबी अब्‍दुल रहमान को नजदीकी अस्‍पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्‍टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बता दें कि अज्ञात बंदूकधारी ने पिछले दिनों फैजल नदीम ऊर्फ अबु कताल सिंधी को मार गिरया था. दावा किया जाता है कि अबु कताल आतंकी हाफिज सईद का भतीजा है. नकाबपोश अज्ञात बंदूकधारियों ने झेलम जिले में शनिवार रात 8 बजे उसकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई।

सेना के अधिकारी को ठोक चुके हमलावर

इससे पहले मार्च की शुरुआत में पाकिस्तान सेना से जुड़े ISPR के अधिकारी मेजर दानियाल की पेशावर में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी. वह 17 अगस्त 2016 को जम्मू-कश्मीर के बारामूला में भारतीय सैन्य काफिले पर घातक हमले के मुख्य सूत्रधारों बताया जाता है।

सूत्रों के मुताबिक मेजर दानियाल को पेशावर में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने निशाना बनाया और उन्हें मौके पर ही गोली मार दी गई. हमलावरों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है, लेकिन इस हमले के पीछे कौन है, इसे लेकर पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र में हलचल मची हुई है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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