वॉशिंगटन: अमेरिकी खुफिया विभाग की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने बुधवार को एक अहम ब्रीफिंग के दौरान ऐसा खुलासा किया, जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान अब अमेरिका के लिए बड़ा परमाणु खतरा बनकर उभर रहा है। इस बयान के बाद वॉशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है।
गबार्ड के बयान ने यह संकेत दिया है कि अब व्हाइट हाउस की नजरों में पाकिस्तान की छवि बदल रही है। पहले जहां उसे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोगी माना जाता था, वहीं अब उसे संभावित सुरक्षा खतरे के रूप में देखा जा रहा है। यह बदलाव अमेरिका की नई रणनीतिक सोच को दर्शाता है।
खुफिया प्रमुख ने केवल पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि चीन, रूस, ईरान और नॉर्थ कोरिया का भी नाम लिया। उन्होंने बताया कि ये सभी देश तेजी से उन्नत मिसाइल तकनीक विकसित कर रहे हैं, जो पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम हैं।
गबार्ड के मुताबिक, इन देशों द्वारा विकसित की जा रही नई पीढ़ी की मिसाइलों की रेंज इतनी लंबी है कि वे सीधे अमेरिकी मुख्यभूमि को निशाना बना सकती हैं। यह स्थिति अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि वैश्विक स्तर पर हथियारों की होड़ तेज हो रही है। खासकर हाइपरसोनिक और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास ने सुरक्षा समीकरणों को और जटिल बना दिया है।
इस बयान के बाद अमेरिका अपनी रक्षा नीति में बड़े बदलाव कर सकता है। साथ ही, इन देशों पर कूटनीतिक और आर्थिक दबाव भी बढ़ सकता है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तनाव बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।













