बहरीन: अंतरराष्ट्रीय कबड्डी जगत से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसने भारत और पाकिस्तान में हलचल पैदा कर दी है। 16 दिसंबर को बहरीन में GCC कप नामक एक निजी कबड्डी टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था। यह कोई आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता नहीं थी, लेकिन आयोजकों ने दर्शकों को आकर्षित करने के लिए टीमों को भारत, पाकिस्तान, ईरान और कनाडा जैसे देशों के नाम से उतारा।
इसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान के चर्चित अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी उबैदुल्लाह राजपूत ने ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे मामले को विवादों में ला खड़ा किया।
भारत की टीम से खेलते दिखे उबैदुल्लाह
मैच के दौरान उबैदुल्लाह राजपूत भारत की जर्सी पहने, भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए मैदान में उतरे। इतना ही नहीं, उन्हें भारतीय ध्वज लहराते हुए भी देखा गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
पाकिस्तानी खेल प्रशंसकों और पूर्व खिलाड़ियों ने इस कदम को राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए कड़ी नाराज़गी जताई। कई लोगों ने इसे देश का अपमान बताया, जबकि कुछ ने इसे खेल अनुशासन का खुला उल्लंघन करार दिया।
पाकिस्तान कबड्डी महासंघ का सख्त रुख
विवाद बढ़ता देख पाकिस्तान कबड्डी महासंघ (PKF) को सामने आना पड़ा। महासंघ के सचिव राणा सरवर ने इस पूरे मामले को गंभीर अनुशासनहीनता बताया और 27 दिसंबर को आपातकालीन बैठक बुलाने की घोषणा की।
राणा सरवर के मुताबिक, उबैदुल्लाह राजपूत समेत कुल 16 पाकिस्तानी खिलाड़ी बिना बोर्ड की अनुमति के इस निजी टूर्नामेंट में खेलने गए थे, जो नियमों का उल्लंघन है।
PKF सचिव का बयान
स्पोर्ट्स पोर्टल स्पोर्टस्टार से बातचीत में राणा सरवर ने कहा, यह एक निजी आयोजन था, जिसमें आयोजकों ने विभिन्न देशों के नाम से टीमें बनाई थीं। लेकिन किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी का भारत की टीम से खेलना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। पाकिस्तान टीम या उसकी पहचान का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, उबैदुल्लाह राजपूत पर लंबा बैन, राष्ट्रीय टीम से बाहर किया जाना या भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में खेलने पर रोक जैसी सज़ा दी जा सकती है। अंतिम फैसला 27 दिसंबर की बैठक में लिया जाएगा।
खेल और राष्ट्रीय पहचान का टकराव
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि भारत-पाकिस्तान जैसे संवेदनशील रिश्तों के बीच खेल भी केवल खेल नहीं रह जाता। राष्ट्रीय पहचान, ध्वज और जर्सी से जुड़ा कोई भी कदम बड़े विवाद का रूप ले सकता है।
अब सबकी निगाहें पाकिस्तान कबड्डी महासंघ की बैठक पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि उबैदुल्लाह राजपूत और अन्य खिलाड़ियों का भविष्य किस दिशा में जाएगा।
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