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सिसई रेफरल अस्पताल में दवाओं की कमी से मरीज परेशान, बाहर से दवा खरीदने को मजबूर

On: December 20, 2024 3:31 PM
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मदन साहु

सिसई (गुमला): रेफरल अस्पताल में मरीजों को डाक्टर द्वारा लिखे जाने वाला पर्चा का आधा से अधिक दवा मरीजों को अस्पताल से नही मिलता है और बाहर से दवा खरीदने को मरीज को भेज दिया जाता है। ऐसे में मरीजों को बाहर से दवाईयां महंगे दामों में खरीदना पङता है। आर्थिक स्थिति खराब मरीज तो दवा खरीदने से अच्छा तो मौत को ही गले लगाना पसंद करते हैं। चूंकि वे महंगा दवा खरीद ही नही पाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के गरीब गुरबा मरीजों की तो दवा के अभाव में ही मौत हो जाती है। जबकि सरकार हर सरकारी अस्पतालों में सभी प्रकार का दावा का लिस्टिंग बना कर भेजती है। ताकि क्षेत्र के लोगों को समुचित दवायें मिल सके। लेकिन ऐसा नही होता है।अब सवाल उठता है कि आखिर सरकार द्वारा अस्पताल को भेजी जाने वाली दवाईयां जा कहां रहा है, जो मरीजों का पुर्जा में लिखा हुआ आधे से अधिक दवा अस्पताल में नही मिलता है। ये गम्भीर मामला है? इस ओर सरकार को जांच कराना अतिआवश्यक होना चाहिए। ताकि क्षेत्र के आम गरीब मरीजों को दवा खरीद के अभाव में जुझना ना पङे।

एक तो सिसई प्रखंड आदिवासी बहुल ग्रामीण क्षेत्र है और गरीबी वैसे ही चरम पर रहती है। उपर से  संस्था में भ्रष्टाचार भी वैसा ही फैला हुआ है। जैसे मानो इसका देखरेख करने वाला कोई है ही नही। ऐसे मे बेचारा गरीब मरीज करे भी तो क्या करे। उनके पास मौत को गले लगाने के अलावा कोई रास्ता ही नही बचता है।

उधर प्रशासन भी कान में तेल डालकर सोया रहता है। अस्पताल की ब्यवस्था का हाल तो ऐसा ही ना रहेगा। समय समय पर संबंधित अधिकारी भी अस्पताल का निरीक्षण नही करते हैं। जिसका खामियाजा ग्रामीण क्षेत्र के गरीब आम नागरिकों को भुगतना पङ रहा है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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