सोमनाथ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय गुजरात दौरे के तहत शनिवार शाम राजकोट से हेलिकॉप्टर के माध्यम से सोमनाथ पहुंचे। 10 से 12 जनवरी तक चल रहे इस दौरे के दौरान पीएम मोदी ने सोमनाथ में आयोजित ऐतिहासिक ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में भाग लिया और देश की सांस्कृतिक विरासत को नमन किया।
सोमनाथ पहुंचते ही प्रधानमंत्री का भव्य रोड शो आयोजित किया गया। सड़क के दोनों ओर हजारों की संख्या में लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए मौजूद रहे। जनता का उत्साह देखते ही बन रहा था और पूरा सोमनाथ क्षेत्र ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा।

रोड शो के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान सोमेश्वर महादेव की विधिवत महाआरती की और देश की समृद्धि व कल्याण की कामना की। इसके पश्चात पीएम मोदी 72 घंटे तक चलने वाले विशेष ‘ऊं जाप’ कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुए और स्वयं ऊं का जाप किया।

धार्मिक कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर परिसर में आयोजित अत्याधुनिक ड्रोन शो का अवलोकन किया। करीब 3 हजार ड्रोन की मदद से सोमनाथ मंदिर की गौरवशाली गाथा, उसके संघर्ष और पुनर्निर्माण की कहानी को आकाश में जीवंत रूप से प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के सुअवसर पर सोमनाथ मंदिर परिसर में भव्यता और दिव्यता से भरा ड्रोन शो देखने का सौभाग्य मिला। इस अद्भुत शो में हमारी प्राचीन आस्था के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी का तालमेल हर किसी को मंत्रमुग्ध कर गया। सोमनाथ की पावन धरा से निकला यह प्रकाशपुंज पूरे विश्व को भारत की सांस्कृतिक शक्ति का संदेश दे रहा है।’
पर्व के दौरान पीएम मोदी ने त्रिशूल उठाया। इसके बाद शानदार आतिशबाजी की गई।

मंदिर दर्शन से पूर्व प्रधानमंत्री ने सोमनाथ सर्किट हाउस में सोमनाथ ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में मंदिर से जुड़े विकास कार्यों और व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। पीएम मोदी सोमनाथ सर्किट हाउस में ही रात्रि विश्राम करेंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस ऐतिहासिक आयोजन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का नाम दिया है। यह पर्व 8 से 11 जनवरी तक मनाया जा रहा है और उन अनगिनत भारतीयों की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने बार-बार मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
स्वतंत्र भारत में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया गया था, जिसका उद्घाटन वर्ष 1951 में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया था। यह मंदिर भारतीय अस्मिता, आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक बनकर आज भी खड़ा है।













