मस्कट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के विदेश दौरे के अंतिम चरण में ओमान पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। जॉर्डन और इथियोपिया की यात्रा पूरी करने के बाद जब पीएम मोदी मस्कट पहुंचे, तो यह दौरा भारत–ओमान संबंधों के लिहाज से ऐतिहासिक बन गया। ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ से सम्मानित किया। यह सम्मान इससे पहले महारानी एलिजाबेथ, नेल्सन मंडेला, महारानी मैक्सिम, सम्राट अकिहितो और जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियों को दिया जा चुका है।
यह सम्मान केवल एक औपचारिक अवॉर्ड नहीं, बल्कि भारत और ओमान के बीच गहरे, भरोसेमंद और सदियों पुराने रिश्तों की मजबूत बुनियाद का प्रतीक माना जा रहा है। सम्मान समारोह मस्कट स्थित अल बराका पैलेस में आयोजित हुआ, जहां दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई और सहयोग के कई अहम पहलुओं पर चर्चा की गई।
29वां अंतरराष्ट्रीय सर्वोच्च सम्मान
‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाला 29वां अंतरराष्ट्रीय सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। इससे पहले उन्हें इथियोपिया का ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया और कुवैत का ऑर्डर ऑफ मुबारक अल-कबीर जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। ये सम्मान न केवल पीएम मोदी की वैश्विक नेतृत्व छवि को दर्शाते हैं, बल्कि भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को भी रेखांकित करते हैं।
शिक्षा, अंतरिक्ष और तकनीक में बढ़ता सहयोग
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–ओमान संबंधों पर बात करते हुए कहा कि शिक्षा और अंतरिक्ष सहयोग दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ओमान में भारतीय शिक्षा व्यवस्था के 50 वर्ष पूरे होना दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ओमान मिलकर अपने संबंधों को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं। AI, डिजिटल लर्निंग, इनोवेशन और स्टार्टअप सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने, गहराई से सीखने और नए विचारों पर खुलकर काम करने का आह्वान किया, ताकि उनके प्रयास मानवता के लिए उपयोगी साबित हों।
भारतीय समुदाय को किया संबोधित
मस्कट में प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान में रह रहे भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया। इस विशेष कार्यक्रम में 700 से अधिक भारतीय स्कूलों के छात्र शामिल हुए। इस साल ओमान में भारतीय स्कूलों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिससे यह आयोजन और भी खास बन गया।
प्रधानमंत्री ने ओमान में बसे भारतीयों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय समुदाय सह-अस्तित्व और सहयोग का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा, आज हम सब एक परिवार की तरह यहां एकत्रित हुए हैं। हम अपने देश और टीम इंडिया की सफलता का जश्न मना रहे हैं।
ट्रेड एग्रीमेंट
इससे पहले दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान भारत और ओमान के बीच व्यापार समझौते पर साइन हुए। समझौते से भारत के टेक्सटाइल, फुटवियर, ऑटोमोबाइल, जेम्स एंड ज्वैलरी, रिन्युएबल एनर्जी और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे सेक्टर्स को सीधा फायदा होगा।
CEPA और व्यापारिक रिश्तों को नई गति
पीएम मोदी ने CEPA (व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता) को भारत–ओमान संबंधों के लिए बेहद अहम बताया। उनके अनुसार, यह समझौता दोनों देशों की साझेदारी को नया आत्मविश्वास देगा और व्यापार, निवेश व आर्थिक सहयोग को नई दिशा और गति प्रदान करेगा।
संस्कृति और विरासत का साझा उत्सव
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि UNESCO ने दीवाली को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक पहचान की वैश्विक मान्यता है और दीवाली का दीप अब पूरी दुनिया को रोशन करेगा।
उन्होंने इंडिया–ओमान मैत्री पर्व का जिक्र करते हुए कहा कि यह दोनों देशों की दोस्ती और आपसी विश्वास का उत्सव है। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि भारत और ओमान के रिश्ते सदियों पुराने हैं। प्राचीन काल में भारतीय व्यापारी लोथल, मंडवी और ताम्रलिप्ति जैसे बंदरगाहों से ओमान तक व्यापार के लिए जाया करते थे।
70 साल के कूटनीतिक रिश्ते
ओमान में भारत के राजदूत शेख हुमैद बिन अली बिन सुल्तान अल मानी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस साल भारत और ओमान के 70 वर्ष के कूटनीतिक संबंध पूरे हो रहे हैं और ऐसे समय में यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक और खास है।
कुल मिलाकर, पीएम मोदी की ओमान यात्रा ने भारत–ओमान संबंधों को नई ऊर्जा दी है और यह साफ संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में दोनों देश रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे।










