पीएम मोदी को नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस’ से नवाजे गए

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विंडहोक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नामीबिया ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है। पीएम मोदी को बुधवार को नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस’ से सम्मानित किया गया। नामीबिया की राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह ने कहा कि नामीबिया के संविधान की ओर से मुझे दी गई शक्ति के तहत मुझे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस’ प्रदान करने का सम्मान प्राप्त हुआ है, जिन्होंने नामीबिया और विश्व स्तर पर सामाजिक-आर्थिक विकास और शांति एवं न्याय को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
यह सम्मान प्राप्त करने के साथ ही पीएम मोदी के खाते में विदेशी सरकारों से मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की संख्या 27 हो गई है। वहीं 5 देशों की यात्रा में पीएम मोदी को मिलने वाला चौथा सम्मान है। इससे पहले इस दौरे में ब्राजील, अर्जेंटीना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, घाना ने प्रधानमंत्री को अपने देशों का सर्वोच्च सम्मान दिया है। हालांकि, अर्जेंटीना द्वारा दिया गया सम्मान विशेष सम्मान था।
‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एन्सिएंट वेल्वित्शिया मिराबिलिस’ नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। यह पुरस्कार 1990 में नामीबिया की स्वतंत्रता के बाद 1995 में स्थापित किया गया था। इसका मकसद विशिष्ट सेवा और नेतृत्व को सम्मान देना था। यह पुरस्कार नामीबियाई लोगों के लचीलेपन, दीर्घायु और स्थायी भावना का प्रतीक है। इसका नाम नामीबिया में पाए जाने वाले एक अनोखे और प्राचीन रेगिस्तानी पौधे, वेल्वित्शिया मिराबिलिस के नाम पर रखा गया है।
सम्मानित किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘इस सम्मान से सम्मानित होना मेरे लिए अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है। मैं राष्ट्रपति, नामीबिया सरकार और नामीबिया की जनता के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। मैं 140 करोड़ भारतीयों की ओर से विनम्रतापूर्वक यह सम्मान स्वीकार करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘यह भारत और नामीबिया की मित्रता का साक्षी है। आज इससे जुड़कर मुझे अत्यंत गर्व महसूस हो रहा है। मैं यह सम्मान नामीबिया और भारत के लोगों, उनकी निरंतर प्रगति और विकास तथा हमारी अटूट मित्रता को समर्पित करता हूं। एक सच्चे मित्र की पहचान कठिन समय में ही होती है। भारत और नामीबिया अपने स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। हमारी मित्रता राजनीति से नहीं, बल्कि संघर्ष, सहयोग और आपसी विश्वास से उपजी है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों और उज्ज्वल भविष्य के सपनों से पोषित हुई है। भविष्य में भी हम विकास के पथ पर एक-दूसरे का हाथ थामे आगे बढ़ते रहेंगे।’