पाकुड़: जिले में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अदालत से हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए दो सजायाफ्ता पुलिस को चकमा देकर न्यायालय परिसर से फरार हो गए। इस घटना ने न सिर्फ न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पुलिस महकमे में भी खलबली मचा दी है।
फरार सजायाफ्ताओं की पहचान शिवधन मोहली और नरेन मोहली के रूप में हुई है। दोनों को जमीन विवाद में भोलानाथ मोहली की हत्या का दोषी पाया गया था। जैसे ही अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार देने का फैसला सुनाया, सुरक्षा में तैनात जवान सजायाफ्ताओं को न्यायाधीश के कटघरे से बाहर ले जा रहे थे। इसी दौरान मौका पाकर नरेन और शिवधन न्यायालय परिसर से फरार हो गए।
घटना की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह भी देखा जाएगा कि फरारी के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही या चूक हुई है या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बताया गया कि यह मामला अमड़ापाड़ा थाना कांड संख्या 04/2019 से जुड़ा है। जमीन विवाद को लेकर भोलानाथ मोहली की हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में मृतक की पत्नी श्रीफूल मोहली ने 12 जनवरी 2019 को अमड़ापाड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में नरेन मोहली और शिवधन मोहली समेत कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था।
अदालत के फैसले के बाद दो दोषियों का इस तरह फरार हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। फरार सजायाफ्ताओं की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और उनके रिश्तेदारों व संपर्कों से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का दावा है कि दोनों फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, इस घटना के बाद न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की भी तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की चूक दोबारा न हो।














