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मंत्री इरफान के BLO को घर में बंद करने के बयान पर मचा सियासी तूफान, भानु शाही बोले- कागज तो दिखाना ही पड़ेगा

On: November 24, 2025 9:30 PM
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झारखंड वार्ता संवाददाता

गढ़वा: देशभर में सोशल आइडेंटिटी रजिस्टर (एसआईआर) को लेकर राजनीति चरम पर है। दिल्ली में कांग्रेस के बड़े आंदोलन के ऐलान के बाद इसकी गर्मी अब झारखंड में भी तेजी से महसूस की जा रही है। इसी मुद्दे पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के विवादित बयान ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।

मंत्री इरफान अंसारी का विवादित बयान – बीएलओ घर आए तो बंद कर दीजिए

सूबे के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच से ही एसआईआर प्रक्रिया का विरोध करते हुए कहा अगर एसआईआर पूरा करने के लिए बीएलओ आपके घर आए, तो उन्हें घर में बंद कर दीजिए और इसकी सूचना दें। मंत्री का यह बयान सामने आते ही राजनीति में भूचाल आ गया। बयान को लेकर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे कानून व्यवस्था व लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरनाक बताया है।

भानु प्रताप शाही का पलटवार – काग़ज़ तो दिखाना पड़ेगा

इसी बीच भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने मंत्री के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि मंत्री जी, कागज तो दिखाना पड़ेगा। इस देश में आपकी मर्जी नहीं चलेगी, देश संविधान से चलता है। एनआरसी और सीएए की प्रक्रिया भी संविधान के दायरे में है। शाही ने आरोप लगाया कि एसआईआर का विरोध करके सरकार जानबूझकर भ्रम फैला रही है और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।

भाजपा प्रवक्ता अजय शाह का हमला – यह जिहादी मानसिकता है

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने मंत्री के बयान को अत्यंत आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि मंत्री का बयान चौकाने वाला है। यह जिहादी मानसिकता को दर्शाता है। संवैधानिक पद पर बैठकर वह केवल एक समुदाय विशेष के लिए काम कर रहे हैं। ऐसे व्यक्ति पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग ने झारखंड में निष्पक्ष चुनाव करवाया था, तब किसी को आपत्ति नहीं थी, लेकिन अब एसआईआर पर आपत्ति जताना राजनीति से प्रेरित कदम है।

एसआईआर पर राजनीति और टकराव जारी

झारखंड में एसआईआर की प्रक्रिया आगे बढ़ते ही सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर कांग्रेस और झामुमो इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बता रहे हैं, वहीं भाजपा इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसंख्या प्रबंधन से जोड़ रही है। मंत्री के बयान ने आग में घी का काम किया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और बड़ा रूप ले सकता है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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