हजारीबाग:झारखंड माध्यमिक और इंटरमीडिएट परीक्षा शांतिपूर्वक और नकल विहीन संपन्न करने के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन चुस्त नजर आ रहा है। इसी कड़ी में 2 फरवरी से 23 फरवरी तक हजारीबाग जिले के बरही अनुमंडल में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
बता दे कि इंटर जैक बोर्ड की इंटर और मैट्रिक की परीक्षा 3 फरवरी से शुरू हो रही है।
बरही अनुमंडल दंडाधिकारी श्री जोहन टुडू ने धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा के दौरान केंद्रों के आसपास अभिभावकों और अन्य लोगों की भीड़ जुटने की संभावना रहती है। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
आदेश के अनुसार परीक्षा केंद्र के 100 मीटर की परिधि में परीक्षार्थियों और परीक्षा ड्यूटी में तैनात पदाधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। आम लोगों और अभिभावकों को इस दायरे से बाहर रहना होगा।
हथियार और भीड़ पर सख्त पाबंदी
परीक्षा केंद्र के आसपास किसी भी तरह के हथियार या आग्नेयास्त्र का प्रदर्शन, परिवहन या उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को इससे छूट दी गई है। इसके साथ ही पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने या घूमने पर भी रोक लगाई गई है।
क्या ले जा सकेंगे परीक्षार्थी
परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन के अंदर केवल प्रवेश पत्र और परीक्षा से जुड़े जरूरी पेन या इंस्ट्रूमेंट ले जाने की अनुमति होगी। मोबाइल फोन, बैग, टैबलेट, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक पेन या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना सख्त मना रहेगा।
जांच के बाद ही मिलेगा प्रवेश
सभी परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षक और वीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षार्थियों की पूरी जांच करें। जांच के बाद ही छात्रों को परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
लाउडस्पीकर पर भी रोक
परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र या लाउडस्पीकर के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा ताकि परीक्षा में कोई व्यवधान न हो।
इन आयोजनों पर नहीं लागू होगा आदेश
प्रशासन ने साफ किया है कि यह निषेधाज्ञा शादी समारोह, बारात, शवयात्रा और अन्य सामाजिक संस्कारों पर लागू नहीं होगी।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए सभी अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, थाना प्रभारी और संबंधित परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन ने आम लोगों से सहयोग की अपील की है ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।











