नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस परेड समारोह के दौरान लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की बैठने की व्यवस्था को लेकर सियासत गरमा गई है। समारोह के दौरान राहुल गांधी को तीसरी पंक्ति में बैठे देखा गया, जहां उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मौजूद थे। जैसे ही इस पल की तस्वीरें सामने आईं, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं और कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोल दिया।
कांग्रेस का आरोप है कि लोकसभा में नेता विपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे नेता को तीसरी पंक्ति में बैठाना न सिर्फ प्रोटोकॉल के खिलाफ है, बल्कि पद की गरिमा का भी अपमान है। पार्टी नेताओं का कहना है कि समारोह में कई ऐसे लोग आगे की पंक्ति में बैठे नजर आए, जिनका संवैधानिक दर्जा राहुल गांधी से कम है।
कांग्रेस ने बताया परंपरा के खिलाफ
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक अब तक की परंपरा रही है कि नेता विपक्ष को अग्रिम पंक्ति में स्थान दिया जाता है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को पीछे बैठाकर न सिर्फ उनका, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का भी अपमान किया गया है। कांग्रेस ने इसे सोची-समझी अनदेखी करार दिया।
हालांकि कार्यक्रम के दौरान बाद में मल्लिकार्जुन खरगे को आगे की पंक्ति में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के पास बैठाया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह बदलाव खुद इस बात का संकेत है कि शुरुआत में बैठने की व्यवस्था गलत थी।
कांग्रेस नेताओं का सरकार पर हमला
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सवाल उठाते हुए लिखा कि क्या यह व्यवहार शिष्टाचार, परंपरा और प्रोटोकॉल के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन नेता विपक्ष के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं हो सकता।
BJP का पलटवार
वहीं BJP ने कांग्रेस के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस एक बार फिर परिवार, पद और अहंकार को देश और जनता से ऊपर रख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठने की व्यवस्था ‘टेबल ऑफ प्रिसिडेंस’ यानी तय सरकारी नियमों के अनुसार की जाती है।
शहजाद पूनावाला ने पलटवार करते हुए यह भी सवाल उठाया कि राहुल गांधी कई महत्वपूर्ण संवैधानिक कार्यक्रमों में नजर क्यों नहीं आते। उन्होंने पूछा कि उपराष्ट्रपति और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी कहां थे और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में उनकी गैरमौजूदगी क्यों रहती है।
BJP का यह भी कहना है कि राहुल गांधी के आसपास और पीछे कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री भी बैठे थे, लेकिन इसे लेकर कोई विवाद नहीं किया गया। पार्टी के अनुसार कांग्रेस बेवजह मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
सियासी घमासान जारी
फिलहाल गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोह में बैठने की व्यवस्था को लेकर उठे इस विवाद ने सियासी माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस इसे सम्मान और परंपरा से जुड़ा मुद्दा बता रही है, जबकि BJP इसे नियमों के तहत हुई सामान्य प्रक्रिया करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।











