---Advertisement---

ओबीसी के लिए 27% आरक्षण की मांग करने वाले ओबीसी का नेतृत्व करना छोड़ें – राजेश गुप्ता

On: October 12, 2023 4:24 PM
---Advertisement---

रांची: वैसे सामाजिक संगठन जो अब भी ओबीसी के 27% आरक्षण की मांग करते हैं। वे ओबीसी समुदाय के साथ धोखा कर रहे हैं, समाज को गुमराह कर रहे हैं।

उक्त बातें आज प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कही। उन्होंने कहा कि जब राज्य में अनुसूचित जाति/ जनजाति की जितनी आबादी है उतना आरक्षण क्रमशः 10% व 26% दी जा रही है। सामान्य वर्ग की आबादी, जिनकी जनसंख्या 10% भी नहीं है के बावजूद उन्हें EWS के नाम पर 10% आरक्षण दी जा रही है। वहीं ओबीसी समुदाय जिनका राज्य में 55% आबादी है, उनके लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग करना अब ओबीसी समुदाय के साथ धोखेबाजी है। या कहे अपरिपक्वता की निशानी है।

वैसे संगठन जिनको सामाजिक, राजनीतिक, संवैधानिक समझ ना हो वैसे सामाजिक संगठन को ओबीसी का नेतृत्व करने का काम छोड़ देना चाहिए।

ज्ञात हो कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग जो एक संवैधानिक संस्था है; जिन्होंने राज्य में ओबीसी को 36 से 50% आरक्षण देने की अनुशंसा सरकार से की है। बावजूद कुछ सामाजिक संगठन ओबीसी को 27% आरक्षण मांग कर रहे हैं। ऐसा कर वैसे संगठन ओबीसी समुदाय को गुमराह कर रहे है।

राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के तत्वाधान में इस संबंध में दो बार प्रेस वार्ता कर वैसे सामाजिक संगठन और राजनीतिक दलों को संदेश दिया गया था कि बदली हुई परिस्थिति में अब हम सभी को जनसंख्या के अनुपात में ओबीसी के आरक्षण की मांग करनी चाहिए। बहुत सारे संगठन और आजसू पार्टी अब राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की अनुशंसा 50% आरक्षण देने की वकालत करने लगी है, जिसके लिए राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने आजसू पार्टी का आभार भी व्यक्त किया था।

ओबीसी के लिए 27 % आरक्षण की मांग करना ओबीसी समुदाय को धोखा देने जैसा है – ओबीसी मोर्चा

पुनः राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा प्रेस वार्ता कर वैसे संगठन को आगाह किया जाता है कि बदली हुई परिस्थिति में अब जनसंख्या के अनुपात में 50% आरक्षण की मांग करें या नही तो ओबीसी का नेतृत्व करना छोड़ दे।

प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष सूबेदार एसएन सिंह कुशवाहा, कार्यालय प्रभारी संतोष शर्मा महानगर अध्यक्ष विष्णु कुमार मृत्युंजय सिंह आदि उपस्थित थे।

Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

झारखंड: मर गई इंसानियत? नहीं मिली एम्बुलेंस तो कूट के डिब्बे में ले जाना पड़ा मासूम बच्चे का शव, रुला देगी दर्द में डूबे पिता की बेबसी की कहानी

गढ़वा: श्री रुद्र महायज्ञ को लेकर जलयात्रा-सह-नगर भ्रमण कल, तैयारी पूरी

रांची सेंट्रल जेल से अयान जावेद को लेकर आई आगरा पुलिस, धर्मांतरण गैंग से जुड़े हैं संदिग्ध आतंकी के तार

धनबाद में भीषण सड़क हादसा: कार–ऑटो की टक्कर में 2 महिलाओं की मौत, 3 गंभीर घायल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी की जिला पर्यवेक्षकों की सूची, झारखंड के 20 नेता शामिल