नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए नौ उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और असम जैसे राज्यों के प्रमुख नेताओं को जगह दी गई है। 16 मार्च को होने वाले चुनाव से पहले जारी यह सूची न केवल संगठनात्मक संतुलन बल्कि राजनीतिक संदेश भी देती नजर आ रही है।
पार्टी ने बिहार से अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन को राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह निर्णय बिहार की राजनीतिक अहमियत को रेखांकित करता है। नितिन नवीन के अलावा, पार्टी ने अगिआंव क्षेत्र से बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य शिवेश कुमार को भी उम्मीदवार बनाया है। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री मुन्नी लाल के पुत्र हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
पश्चिम बंगाल से भाजपा ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं ओडिशा से प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन समल और मौजूदा राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार को फिर से मौका दिया गया है। सुझीत कुमार का वर्तमान कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
छत्तीसगढ़ से भाजपा ने लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है। वे पहले राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं और महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर सक्रिय रही हैं।
हरियाणा से भाजपा ने पूर्व सांसद संजय भाटिया को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। वे 2019 से 2024 तक करनाल लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होना है, क्योंकि किरण चौधरी और राम चंद्र जांगरा का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है।
हालांकि दूसरे उम्मीदवार के नाम की घोषणा अभी नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार कुलदीप बिश्नोई और हरियाणा भाजपा अध्यक्ष मोहनलाल बंदोली के नामों पर भी चर्चा हुई थी।
असम में भाजपा ने डिब्रूगढ़ जिले के डुलियाजन विधानसभा क्षेत्र के विधायक तेराश गोवाला को राज्यसभा के लिए नामित किया है। उनके साथ असम सरकार में मंत्री जोगेन मोहन को भी उम्मीदवार बनाया गया है। जोगेन मोहन परिवहन, पहाड़ी क्षेत्र विकास, सहकारिता और स्वदेशी व जनजातीय आस्था एवं संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
भाजपा के एक पदाधिकारी ने कहा कि उम्मीदवारों की यह सूची पार्टी की दीर्घकालिक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। राज्यसभा में मजबूत उपस्थिति के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन, महिला प्रतिनिधित्व और गठबंधन सहयोगियों को साथ लेकर चलने की नीति इस चयन में साफ दिखाई देती है।
विशेष रूप से बिहार से नितिन नवीन को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने यह संकेत दिया है कि आगामी चुनावी समीकरणों में राज्य की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है।













