Rajya Sabha Election Results: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हुए चुनाव में मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब औपचारिक तौर पर एनडीए के सभी पांच उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि अंतिम परिणाम की आधिकारिक घोषणा मतगणना के बाद ही होगी, लेकिन संख्याबल और वोटिंग के रुझानों के आधार पर एनडीए खेमे में जीत को लेकर उत्साह है।
मतदान के दौरान सबसे बड़ी चर्चा महागठबंधन के चार विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर रही। कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक मतदान के लिए विधानसभा नहीं पहुंचे। इनमें कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास, सुरेंद्र कुशवाहा, मनोहर प्रसाद सिंह और राजद विधायक फैसल रहमान शामिल हैं। इन चारों विधायकों के मतदान में शामिल नहीं होने से महागठबंधन की रणनीति पर असर पड़ा और उसके उम्मीदवार को जरूरी समर्थन नहीं मिल सका। वहीं एनडीए के सभी 202 विधायकों ने मतदान किया है।
महागठबंधन की ओर से राज्यसभा के लिए उतारे गए उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को जीत के लिए आवश्यक 41 वोट नहीं मिल पाए। उन्हें केवल 37 विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ। इस कारण पांचवीं सीट के लिए उनका दावा कमजोर पड़ गया। हालांकि मतदान समाप्त होने के बाद शाम पांच बजे से मतगणना की प्रक्रिया शुरू होनी है, जिसके बाद ही निर्वाचन आयोग की ओर से परिणाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
दरअसल बिहार विधानसभा में कुल 243 सदस्य हैं और राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव कराया गया। इस बार मुकाबला दिलचस्प इसलिए भी था क्योंकि पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में थे। ऐसे में खासकर पांचवीं सीट के नतीजों पर राजनीतिक दलों और राजनीतिक विश्लेषकों की नजर टिकी हुई थी।
विधानसभा में मौजूदा संख्याबल की बात करें तो एनडीए के पास 202 विधायक हैं, जबकि महागठबंधन के पास लगभग 35 विधायक हैं। संख्याबल के हिसाब से यह पहले ही साफ माना जा रहा था कि एनडीए चार सीटों पर आसानी से जीत दर्ज कर लेगा। असली मुकाबला पांचवीं सीट के लिए माना जा रहा था, जहां विपक्ष को उम्मीद थी कि वह चुनौती पेश कर सकता है।
राज्यसभा चुनाव के नियमों के मुताबिक एक उम्मीदवार को जीत के लिए 41 विधायकों के वोट की जरूरत होती है। इस हिसाब से एनडीए को चार सीटों की जीत सुनिश्चित करने के लिए 164 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता थी, जो उसके पास आसानी से उपलब्ध था। चार सीटों पर जीत के बाद एनडीए के पास 38 विधायक शेष रहते हैं। ऐसे में पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे तीन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत थी, जिसे एनडीए ने अन्य सहयोगियों या क्रॉस वोटिंग के जरिए हासिल कर लिया। एनडीए की ओर से सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री और जदयू नेता रामनाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार की जीत तय मानी जा रही है।
इसी वजह से मतदान समाप्त होने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि एनडीए पांचों सीटों पर कब्जा करने में सफल रहेगा। वहीं महागठबंधन के कुछ विधायकों की अनुपस्थिति ने विपक्ष की रणनीति को बड़ा झटका दिया है। अब सभी की निगाहें शाम को होने वाली मतगणना और आधिकारिक परिणाम पर टिकी हुई हैं।












