रामगढ़: भारत सरकार द्वारा साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विकसित ‘प्रतिबिंब ऐप’ की मदद से रामगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर थाना रामगढ़ की टीम ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार करते हुए लाखों रुपये की ठगी का खुलासा किया है। अपराधी पर एक हत्या का भी आरोप है।
ऐसे पकड़ा गया साइबर अपराधी
रामगढ़ पुलिस अधीक्षक को 8 जनवरी 2026 को गूगल मैप प्लॉट के माध्यम से एक संदिग्ध मोबाइल नंबर (918789882057) की जानकारी प्राप्त हुई थी। तकनीकी जांच के बाद यह नंबर साइबर ठगी से जुड़ा पाया गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।
पटना से हुई गिरफ्तारी
छापामारी दल ने पटना (बिहार) स्थित फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 27 वर्षीय रंजन कुमार उर्फ सिंटू उर्फ कुंदन को गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से नालंदा जिले का रहने वाला है। गिरफ्तारी के समय उसके पास से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, ब्लूटूथ डिवाइस और नकद राशि बरामद की गई।
APK फाइल के जरिए ठगी
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लोगों को मोबाइल में फर्जी APK फाइल इंस्टॉल कराता था। इसके जरिए मोबाइल का एक्सेस लेकर बैंकिंग डिटेल्स चोरी कर खातों से पैसे उड़ाए जाते थे। आरोपी और उसके गिरोह ने देश के विभिन्न राज्यों में लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया।
लाखों रुपये की ठगी का खुलासा
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अलग-अलग लोगों से करीब 16 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है। ठगी की रकम का इस्तेमाल मोबाइल खरीदने, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया गया।
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपी के पास से 6 मोबाइल फोन (फर्जी सिम के साथ), 3 iPhone, ₹4,43,000 नकद, एक काला रंग का रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल (BR21F-8055), ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया है।
आपराधिक इतिहास भी उजागर
आरोपी के खिलाफ पहले से भी पटना साइबर थाना और अन्य थानों में कई मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से साइबर ठगी की घटनाओं में संलिप्त रहा है। इसके अलावा महाराष्ट्र के पुणे के रतनदीप कास्टिंग के मालिक लक्ष्मण शिंदे की हत्या का भी आरोपी है। उसने कारोबार का झांसा देकर शिंदे को पटना बुलाया, उनसे 8 लाख रुपए ठगे और जब उन्होंने बैंक पासवर्ड बताने से इनकार किया तो उनकी हत्या कर दी। शव को नालंदा में फेंक दिया गया था। इस हत्याकांड के अन्य सभी अपराधी पहले ही पकड़े जा चुके थे, लेकिन सिंटू पटना छोड़कर रामगढ़ आ गया था और कुछ समय शांत रहने के बाद फिर से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया था।
किन धाराओं में मामला दर्ज
आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की धारा 66C/66D सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।














