रांची: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में गुरूवार को समाहरणालय में DMFT (District Mineral Foundation Trust), Untied Fund, CSR, BPHU–PM ABHIM, MPLADS, MLA Fund तथा 15वीं वित्त आयोग (स्वास्थ्य) के अंतर्गत संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और विभिन्न मदों से लंबित पड़ी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराना रहा।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कार्यकारी एजेंसियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन स्वीकृत प्राक्कलन की विशिष्टताओं के अनुरूप, गुणवत्तापूर्ण तथा वित्तीय नियमावली के पूर्ण अनुपालन के साथ किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य अवसंरचना और जनकल्याण पर विशेष फोकस
समीक्षा बैठक में विशेष रूप से स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास तथा स्थानीय समुदायों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि PM-ABHIM के अंतर्गत BPHU, 15वीं वित्त आयोग (स्वास्थ्य) तथा DMFT से संचालित परियोजनाएं आम जनता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जिनका लाभ सीधे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों तक पहुँचना चाहिए।
उन्होंने बताया कि DMFT, Untied Fund, CSR, MPLADS और MLA Fund जैसी निधियां जिले के समग्र विकास, विशेषकर स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क और आधारभूत संरचना के लिए महत्वपूर्ण साधन हैं। इन निधियों का उपयोग पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से होना चाहिए, ताकि जनता को अधिकतम लाभ मिल सके।
विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नियमित फील्ड निरीक्षण, प्रगति की मासिक समीक्षा और समय पर भुगतान सुनिश्चित कर योजनाओं को गति दी जाए। गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त रांची श्री सौरभ भुवनिया, निदेशक (लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन), जिला ग्रामीण विकास अभियंत्रण रांची, सिविल सर्जन रांची, प्रभारी विकास शाखा, जिला योजना पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद, जिला खनन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल), कार्यपालक अभियंता (लघु सिंचाई प्रमंडल), जिला अभियंता जिला परिषद, कार्यपालक अभियंता NREGA-1, DMFT PMU के सदस्य सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों से अपील की कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता, उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जनता के हित में प्रतिबद्ध है और सभी विकास कार्यों का उद्देश्य जमीनी स्तर पर वास्तविक लाभ पहुंचाना होना चाहिए।














