रांची: महाशिवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और भक्तिमय वातावरण में संपन्न कराने को लेकर रांची उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधि-व्यवस्था संधारण, सुरक्षा प्रबंध, श्रद्धालुओं की सुविधा, महिला सुरक्षा, स्वच्छता और आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने महाशिवरात्रि के दौरान सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में उपस्थित समिति सदस्यों द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों पर भी गंभीरता से विचार किया गया।
मंदिर प्रवेश एवं पूजा व्यवस्था
सरकारी पूजा के समापन के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का द्वार खोला जाएगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अर्धा सिस्टम (बारी-बारी/शिफ्ट प्रणाली) के तहत जलाभिषेक कराया जाएगा, जिससे सभी भक्तों को सुगमता से दर्शन का अवसर मिल सके।
सजावट एवं सौंदर्यीकरण
सभी मंदिरों को पुष्पों से भव्य रूप से सजाया जाएगा तथा आकर्षक पुष्प द्वार का निर्माण किया जाएगा। पूर्व से कार्यरत टेंट हाउस के माध्यम से टेंट, कुर्सी, टेबल, बैरिकेडिंग सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
सुविधा एवं सूचना व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सहायता हेतु खोया-पाया केंद्र एवं सूचनाओं के प्रसारण के लिए प्रभावी साउंड सिस्टम लगाया जाएगा।
इस वर्ष आरती का लाइव प्रसारण दूरदर्शन के माध्यम से करने पर भी विचार किया गया, ताकि घर बैठे श्रद्धालु भी भगवान शिव के दर्शन कर सकें।
सुरक्षा, विधि-व्यवस्था एवं प्रशासनिक निर्देश
विधि-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, नगर निगम, चिकित्सा दल एवं अग्निशमन दल की पर्याप्त प्रतिनियुक्ति के निर्देश दिए गए।
पुलिस बल, वॉलंटियर्स, पाहन सदस्यों एवं ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
अतिरिक्त मजदूरों की नियुक्ति तथा अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा एजेंसी का अनुबंध 1 दिसंबर 2025 से जून 2026 तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
• आयोजन समिति के लिए कोषाध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी।
• दैनिक प्रसाद भोग (खीर/हलवा/खिचड़ी) हेतु प्रतिदिन राशि प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
• महाशिवरात्रि 2026 के विभिन्न मदों में अनुमानित व्यय को स्वीकृति प्रदान की गई।
प्लास्टिक मुक्त महाशिवरात्रि की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की कि महाशिवरात्रि के दौरान प्लास्टिक का प्रयोग न करें। इसके स्थान पर कपड़े के थैले, बांस की टोकरी, दोना-पत्तल एवं अन्य प्राकृतिक सामग्री का उपयोग करें। स्थानीय दुकानदारों को भी प्लास्टिक मुक्त विकल्प अपनाने का निर्देश दिया गया।
महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
महिला सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए। छेड़छाड़, छिनतई, पॉकेटमारी एवं चोरी जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए महिला एवं पुरुष पुलिस बल के साथ-साथ सादे लिबास में पुलिस पदाधिकारी तैनात किए जाएंगे।
बिजली एवं अन्य व्यवस्थाएं
• बिजली विभाग को गर्भगृह सहित पूरे क्षेत्र में बिजली सुरक्षा मानकों का पालन एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
• अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) को पहाड़ी मंदिर के आसपास अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए।
• पुलिस अधीक्षक (नगर) को असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखते हुए स्थानीय थाना द्वारा निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित कराने को कहा गया।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि महाशिवरात्रि पूजा परंपराओं के अनुसार ही संपन्न होगी। बैठक में उपस्थित सभी समिति सदस्यों, पदाधिकारियों एवं अधिकारियों ने आयोजन को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक पारस राणा, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) कुमार रजत, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था), राजेश्वर नाथ आलोक, पहाड़ी मंदिर विकास समिति, रांची के अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष एवं अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।














