दुमका:आउटडोर स्टेडियम , दुमका में आदिवासी सेंगेल अभियान के जिला अध्यक्ष सुनील मुर्मू की अध्यक्षता में बैठक 17 मार्च को आयोजित हुई। संचालन संताल परगना प्रमंडलीय अध्यक्ष कमिश्नर मुर्मू ने किया । इस बैठक में आदिवासी समाज को बचाने के लिए पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के नेतृत्व में आदिवासी समाज से बुलूक/नशापान/रुमुक/अंधविश्वास/डान/डयान प्रथा डांडोम/जाबरण जुर्माना/बरोन सामाजिक बहिष्कार महिला विरोधी मानसिकता को खत्म करने का मार्ग प्रशस्त करने का संकल्प लिया गया।
अभियान सेंगेल अभियान के केंद्रीय संयोजक लुखिनारायान किस्कू ने कहा आदिवासी समाज को बचाने के लिए हमें हर आदिवासी बहुल क्षेत्र से या आदिवासी गांव से, पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के अगवाई में आदिवासी समाज से बुलूक/नशापान/रुमुक/अंधविश्वास/डान/डयान प्रथा डांडोम/जाबरण जुर्माना/बरोन सामाजिक बहिष्कार महिला विरोधी मानसिकता को खत्म करने का मार्ग प्रशस्त करने का संकल्प लिया गया। साथ में केंद्रीय संयोजक ने कहा आदिवासी सेंगेल अभियान में लोगों को जुड़ने का काम को तेज करना होगा हमारा मुद्दा झारखंड में संथाली राजभाषा बनाना सरना धर्म कोड को लेना होगा।
दुमका जोनल हेड ने कहा कि 23 मार्च 2026 को उपायुक्त महोदय के माध्यम से राष्ट्रपति महोदया को सरना धर्म कोड और मरांग बुरू वापस करने के लिए ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बैठक में दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे। मसलिया प्रखंड अध्यक्ष मनवेल हांसदा, रामगढ़ प्रखण्ड अध्यक्ष रामलाल मुर्मू, जामा प्रखण्ड अध्यक्ष शिवराम मुर्मू, दुमका जोन युवा मोर्चा अध्यक्ष विनोद मुर्मू,रुबिलाल किस्कू,सेंगेल छात्र मोर्चा पाकुड़ , सोम हांसदा रामगढ़ प्रखण्ड सचिव, शिवचरण टुडू आदि शामिल थे।








