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बलि क्रूरता की हदें पार! 50 बकरों को दांत से काट-काटकर मार डाला, देखें वीडियो

On: February 6, 2026 1:44 PM
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हैदराबाद: तेलंगाना के जगतियाल जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने मानवता और धार्मिक परंपराओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रायकल मंडल क्षेत्र स्थित भीमेश्वर मंदिर में आयोजित भीमन्ना जातरा (जतरा) के दौरान कथित तौर पर करीब 50 बकरों की बेहद क्रूर तरीके से बलि दी गई।


इस अनुष्ठान को स्थानीय परंपरा ‘गावु पट्टाडम’ कहा जाता है। इसमें जानवरों को किसी हथियार से नहीं, बल्कि जिंदा अवस्था में उनके गले पर दांतों से काटा जाता है और फिर उन्हें तड़पते हुए मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। इस प्रक्रिया में जानवर तुरंत नहीं मरता, बल्कि धीरे-धीरे अत्यधिक रक्तस्राव से उसकी मौत होती है।


सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, लोगों में आक्रोश


इस अमानवीय कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल फुटेज में लोग बकरों को पकड़कर उनके गले में दांत गड़ा रहे हैं। जानवर दर्द से चीखते-तड़पते नजर आते हैं, जबकि आसपास मौजूद भीड़ तमाशबीन बनी रहती है।

चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरी घटना मंदिर परिसर के भीतर घटित हुई, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात थे।


पुलिस की सफाई


रायकल पुलिस का कहना है कि जातरा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की बलि की जानकारी नहीं मिली थी। हालांकि, वीडियो सामने आने और इसके वायरल होने के बाद पुलिस ने आयोजकों और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल, संगठनों की सख्त प्रतिक्रिया

यह पहला मामला नहीं है जब तेलंगाना में इस तरह की घटनाएं सामने आई हों। इससे पहले भी बोनालु जैसे त्योहारों और स्थानीय जतराओं में ‘गावु पट्टाडम’ जैसी प्रथाओं को लेकर विवाद होता रहा है।

पशु अधिकार संगठनों PETA इंडिया और स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया (SAFI) ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। संगठनों का कहना है कि किसी भी धर्म या परंपरा के नाम पर जानवरों के साथ ऐसी क्रूरता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन से इस तरह की प्रथाओं पर तत्काल और पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।


इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या धार्मिक परंपराओं के नाम पर कानून और मानवता को नजरअंदाज किया जा सकता है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ऐसी प्रथाओं को खत्म करने की मांग कर रहे हैं।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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