रांची: ओड़िशा के कटक स्थित श्री श्री विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षकों एवं प्राचार्यों के लिए ‘संकल्प-2047’ नामक विशेष सम्मेलन का आयोजन 22 फरवरी (रविवार) को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप समग्र एवं मूल्य-आधारित शिक्षा पर गहन विचार-विमर्श करना है।
यह सम्मेलन आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर के समग्र शिक्षा दर्शन से प्रेरित है, जिसमें शिक्षा को केवल जानकारी का माध्यम न मानकर चरित्र निर्माण, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों के विकास का साधन माना गया है। इसी दृष्टिकोण के अंतर्गत आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के मानव मूल्यों, तनाव-मुक्त जीवनशैली और आंतरिक सशक्तिकरण से जुड़े सिद्धांतों को भी सम्मेलन में शामिल किया गया है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा शिक्षा 5.0 के व्यावहारिक आयामों, नवाचारी शिक्षण पद्धतियों, डिज़ाइन थिंकिंग, अनुभवात्मक अधिगम और विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव एवं डिजिटल लत जैसी समकालीन चुनौतियों के समाधान पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही ‘प्रोजेक्ट दिशा’ नामक विशेष मॉड्यूल के माध्यम से शिक्षकों को वेल-बीइंग टूल्स, काउंसलिंग कौशल तथा प्राचीन ज्ञान और आधुनिक मनोविज्ञान पर आधारित मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह सम्मेलन गुरुदेव के ‘तनाव-मुक्त एवं मूल्य-सम्पन्न समाज’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस आयोजन में रायपुर के 50 से अधिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षक भाग लेंगे। सम्मेलन के दौरान विश्वविद्यालय के कार्मिक निदेशक स्वामी सत्यचैतन्य तथा प्रबंधन संकाय के डीन डॉ. विप्लव बिस्वाल विशेष सत्रों को संबोधित करेंगे।














