झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा: रसोई गैस की कालाबाजारी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 70 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए हैं। यह कार्रवाई प्रखंड के हूर गांव में की गई, जहां एक पिकअप वाहन पर बड़ी मात्रा में सिलेंडर लदे पाए गए।
जानकारी के अनुसार छापेमारी के दौरान वाहन पर 17 भरे हुए और 53 खाली सिलेंडर बरामद किए गए। इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर मिलने से ग्रामीणों की उस शिकायत की पुष्टि हुई, जिसमें गांव में अवैध रूप से गैस सिलेंडर बेचने और कालाबाजारी की बात कही जा रही थी।

सोशल मीडिया शिकायत पर हुई कार्रवाई
बताया गया कि एसडीएम को व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से सूचना मिली थी कि हूर गांव में सचिन चौबे नामक व्यक्ति द्वारा ऊंचे दामों पर गैस सिलेंडर की अवैध बिक्री की जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद एसडीएम ने उक्त स्थल पर औचक छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान सचिन चौबे के घर के बाहर अहाते में सिलेंडरों से भरा पिकअप वाहन खड़ा मिला। मौके पर मौजूद व्यक्ति सिलेंडरों के स्रोत और वितरण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सका।
सिलेंडर एजेंसी को सौंपे गए
मामला संदिग्ध पाए जाने पर प्रशासन ने सभी सिलेंडरों को तत्काल जब्त कर लिया। एसडीएम के निर्देश पर अंचलाधिकारी सफी आलम और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राहुल मिंज ने मौके पर सिलेंडरों की गिनती कराई।
इसके बाद जनहित और सुरक्षा को देखते हुए जब्त किए गए सिलेंडरों को कल्याणपुर स्थित भारद्वाज भारत गैस एजेंसी की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश
एसडीएम संजय कुमार ने संबंधित अधिकारियों को दोषी व्यक्ति के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विधि सम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी भारत गैस के स्थानीय सेल्स ऑफिसर अनिर्बान गांगुली को भी दी गई है, ताकि जिले में एलपीजी गैस की सप्लाई चेन की निगरानी सुनिश्चित की जा सके और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रशासन की अपील
एसडीएम ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास हो रही किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि उपायुक्त दिनेश यादव के निर्देशानुसार जिले में कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।













