प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा करते हुए 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह अवैध धंधा कीडगंज थाना क्षेत्र के एक महिला IAS अधिकारी के मकान में संचालित किया जा रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, रविवार को कीडगंज मोहल्ले के कुछ स्थानीय निवासियों ने संदिग्ध गतिविधियों को लेकर प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह को सूचना दी थी। शिकायत में बताया गया था कि मकान में लंबे समय से अजनबी लोगों का आना-जाना बना हुआ है और रात के समय गतिविधियां और अधिक बढ़ जाती हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मकान में दबिश देने की कोशिश की। हालांकि, अंदर से दरवाजा नहीं खोला गया। इसके बाद पुलिस ने कुंडी तोड़कर जबरन प्रवेश किया। जैसे ही पुलिस अंदर पहुंची, वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। मकान के अलग-अलग कमरों में 4 महिलाएं और 5 पुरुष आपत्तिजनक हालत में पाए गए।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी 9 लोगों को हिरासत में ले लिया। छापेमारी की खबर फैलते ही मोहल्ले में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया।
डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह सेक्स रैकेट पिछले करीब तीन महीनों से संचालित हो रहा था। उन्होंने बताया कि एसीपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए लोगों में 5 पुरुष प्रयागराज के रहने वाले हैं। वहीं, पकड़ी गई महिलाओं में 2 प्रयागराज की, 1 वाराणसी की और 1 महिला पश्चिम बंगाल की निवासी है। सभी से पूछताछ की जा रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी शुरू कर दी गई है।
सर्वेश नामक व्यक्ति ने IAS अधिकारी के इस मकान को किराए पर लिया था। शुरुआत में उसने इसे परिवार के साथ रहने के लिए लिया था, लेकिन कुछ समय बाद उसने अपने परिवार को दूसरी जगह भेज दिया और इसी मकान में अवैध देह व्यापार का धंधा शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें काफी समय से इस मकान को लेकर शक था, लेकिन ठोस जानकारी के अभाव में वे चुप रहे। रविवार को जब गतिविधियों को लेकर पुख्ता जानकारी मिली, तब उन्होंने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आ सका।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस रैकेट के तार किसी बड़े गिरोह से जुड़े हैं या नहीं। साथ ही मकान मालिक और किरायेदारी से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।














