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जेएनयू में यूजीसी के नए नियम के समर्थन में छात्रों और शिक्षकों का प्रदर्शन,नारेबाजी

On: January 30, 2026 9:24 AM
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एजेंसी:जेएनयू में यूजीसी के नए नियम के समर्थन में शिक्षकों और छात्रों के द्वारा प्रदर्शन और नारेबाजी की खबर है।यह प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन नियमों पर रोक लगाने के बाद सामने आया है, जो उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव को रोकने के लिए नए नियम लागू करना चाहते थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक जेएनयू में कुछ समूहों ने नए यूजीसी नियमों का समर्थन करते हुए नारे लगाए, जो उच्च शिक्षा में बेहतर समानता और भेदभाव-विरोधी उपायों (जैसे समान अवसर केंद्र) पर जोर देते हैं।
संदर्भ (2026): यूजीसी के ये नियम 2026 में लागू किए गए, जो उच्च शिक्षा में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने के लिए हैं, लेकिन इन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाने के बाद विवाद बढ़ गया है।
नारेबाजी: नारेबाजी का मुख्य उद्देश्य भेदभाव रोधी नियमों को लागू करने की मांग करना और सुप्रीम कोर्ट की रोक के खिलाफ आवाज़ उठाना था।
यह मुद्दा शैक्षणिक से अधिक सामाजिक और राजनीतिक बन गया है, जहाँ एक पक्ष इसे “समानता” के लिए आवश्यक मानता है, वहीं दूसरी ओर इसके कार्यान्वयन और परिभाषाओं को लेकर बहस चल रही है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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