रांची: पारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची में जटिल कूल्हा का प्रत्यारोपण सर्जरी सफल हुई है। अस्पताल के कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. विवेक कुमार डेविड के नेतृत्व में एक अत्यंत जटिल कूल्हा का प्रत्यारोपण सर्जरी को सफलतापूर्वक किया गया। सर्जरी के बाद मरीज महज 24 घंटे के भीतर चलने लगीं। मरीज एक वृद्ध महिला हैं, जिन्हें घर में गिरने से कूल्हे की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर हो गया था। दर्द की तीव्रता के कारण वे चलने-फिरने और करवट लेने तक में असमर्थ थीं, मामले को और जटिल बना रहा था। मरीज का कई दवाइयों और धातुओं से एलर्जी होना, जिससे एनेस्थीसिया देने और इम्प्लांट के चयन में विशेष सावधानी बरतनी पड़ी।
डॉ. विवेक कुमार डेविड की टीम में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, एलर्जी विशेषज्ञ और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ शामिल थे। जिन्होंने सर्जरी से पूर्व विस्तृत जांच और एलर्जी परीक्षण किए। इसके बाद मरीज के लिए विशेष हाइपोएलर्जेनिक इम्प्लांट और सुरक्षित दवाइयों का चयन किया गया, जिससे किसी भी प्रकार की एलर्जिक प्रतिक्रिया की आशंका को समाप्त किया जा सका।।सर्जरी पूरी तरह सफल रही। आधुनिक फिजियोथेरेपी और फास्ट-ट्रैक रिकवरी प्रोटोकॉल के तहत मरीज ने ऑपरेशन के 24 घंटे के भीतर चलना शुरू कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार मरीज की स्थिति तेजी से बेहतर हो रही है।
इस अवसर पर डॉ. विवेक कुमार डेविड ने कहा कि आधुनिक जॉइंट रिप्लेसमेंट तकनीक और बेहतर टीमवर्क के कारण अब अत्यंत जटिल मामलों का भी सुरक्षित और प्रभावी उपचार संभव हो पाया है।

वहीं, पारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची के फैसलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि हमारा उद्देश्य मरीजों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। जटिल से जटिल सर्जरी को सुरक्षित ढंग से अंजाम देना हमारी अनुभवी मेडिकल टीम, अत्याधुनिक तकनीक और समन्वित स्वास्थ्य सेवाओं का परिणाम है। इस सफल कूल्हा का प्रत्यारोपण सर्जरी से यह साबित होता है कि पारस एचईसी हॉस्पिटल झारखंड में उन्नत ऑर्थोपेडिक उपचार के लिए एक भरोसेमंद केंद्र के रूप में लगातार सशक्त हो रहा है। आने वाले समय में भी हम मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और त्वरित इलाज प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।














